‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ में बड़ा खुलासा: इतने लाख का म्यूल अकाउंट पकड़ा ; साइबर ठगी में खाता संचालक गिरफ्तार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
उज्जैन में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹67 लाख से अधिक के लेनदेन वाले एक म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में खाता संचालक छायेश सेन (35) को गिरफ्तार किया गया है, जो ठगी के पैसों के लेनदेन में अहम कड़ी बना हुआ था।
एसबीआई खाते से खुला पूरा मामला
मामले की शुरुआत 2 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच से हुई। जांच के दौरान फ्रीगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एसएमई ब्रांच में “महाकाल इवेंट मैनेजमेंट एंड वीडियो फोटोग्राफी” के नाम से संचालित एक बैंक खाता संदिग्ध पाया गया। बैंक ने असामान्य ट्रांजेक्शन पैटर्न देखते हुए खाते को म्यूल अकाउंट मानकर तत्काल फ्रीज कर दिया और इसकी जानकारी पुलिस को दी।
एक साल में 67.64 लाख जमा, 55.82 लाख निकाले
पुलिस जांच में सामने आया कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच इस खाते में कुल ₹67.64 लाख जमा किए गए, जबकि ₹55.82 लाख अलग-अलग माध्यमों से निकाले गए। लेनदेन का यह पैटर्न सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों से मेल नहीं खाता था, जिससे साइबर ठगी की आशंका और मजबूत हुई।
चेकबुक-एटीएम देकर बना ‘मिडिलमैन’
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी छायेश सेन ने अपनी चेकबुक और एटीएम कार्ड दानु उर्फ अरमान और राहुल मालवीय को सौंप दिए थे। ये दोनों आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लॉटरी (सेवन लॉटरी) के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करते थे। ठगी की रकम इसी खाते में जमा करवाई जाती और बाद में निकाल ली जाती थी, ताकि असली ठगों की पहचान छिपाई जा सके।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर से गिरफ्तारी
माधवनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। लगातार दबिश के बाद 5 अप्रैल 2026 को छायेश सेन को गिरफ्तार कर लिया गया।
दो दिन की पुलिस रिमांड
आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
इन धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग साइबर ठग अपनी पहचान छिपाने के लिए करते हैं। इसमें ठगी की रकम ट्रांसफर कर जल्दी-जल्दी निकाल ली जाती है, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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