ईवी अग्निकांड में बड़ा खुलासा: जिसे बच्चे का शव समझा वह क्या निकला; धड़ समझकर रखा गया था, 6 साल के बालक की लाश अब तक नहीं मिली
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में हुए दर्दनाक ईवी अग्निकांड को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जिस अवशेष को अब तक 6 वर्षीय तनय का शव माना जा रहा था, वह दरअसल सोफे का जला हुआ फोम निकला। यह तथ्य पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है, जिसे डॉक्टरों ने पुलिस को सौंप दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के चार दिन बाद भी मासूम तनय का पूरा शव बरामद नहीं हो सका है। पुलिस जिस सामग्री को शव समझकर अस्पताल लाई थी, उसमें केवल एक पैर का हिस्सा ही मिला। इसके बाद अब फोरेंसिक टीम और पुलिस दोबारा घटनास्थल पर पहुंचकर शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश कर रही है।
मौत का कारण: धुआं और आग, करंट नहीं
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ किया गया है कि हादसे में किसी की भी मौत करंट लगने से नहीं हुई। सभी लोगों की जान धुएं में दम घुटने और आग से झुलसने के कारण गई। इस हादसे में उद्योगपति मनोज पुगलिया समेत कुल 8 लोगों की मौत हुई थी।
बचाने की कोशिश में फंसे मनोज पुगलिया
जानकारी के अनुसार, मनोज पुगलिया ने पहले अपने परिवार के कुछ सदस्यों—बेटों और पत्नी—को बाहर निकाल दिया था। इसके बाद वे घर में फंसे अन्य लोगों को बचाने लौटे, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण खुद बाहर नहीं निकल सके। उनका शव छत पर चैनल गेट के पास मिला। उनकी बहू सिमरन भी वहीं जली हुई हालत में पाई गईं।
तनय के शव को लेकर भ्रम
एसडीआरएफ टीम जब मलबे से एक पोटली निकालकर लाई थी, तब उसे बच्चे का शव बताया गया था। लेकिन पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि उस पोटली में केवल पैर का टुकड़ा था, जबकि जिसे धड़ समझा गया, वह फोम निकला। आशंका है कि धमाकों के कारण शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
सिमरन के गर्भवती होने की बात गलत
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ कि सिमरन गर्भवती नहीं थीं। घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा उनके गर्भवती होने की बात कही गई थी, जो जांच में गलत साबित हुई।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग
प्रारंभिक जांच के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग भड़की, जिसने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को चपेट में ले लिया। आग की लपटों ने घर में रखे गैस सिलेंडरों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तेज धमाके हुए और मकान का हिस्सा ढह गया। बताया जा रहा है कि घर में लगे डिजिटल लॉक समय पर नहीं खुल सके, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
परिवार बेघर, तलाश जारी
हादसे में परिवार के 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ सदस्य बच गए हैं। अब परिवार अस्थायी रूप से रिश्तेदारों के यहां ठहरा है और नए घर की तलाश कर रहा है।फिलहाल, पुलिस और फोरेंसिक टीम तनय के शरीर के बाकी हिस्सों की तलाश में जुटी हुई है, जबकि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।
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