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फर्जी इनकम टैक्स रिफंड का बड़ा खुलासा: इतने करदाता रडार पर; अधिकारियों और कॉर्पोरेट कर्मचारियों की संलिप्तता

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 1:32 pm
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फर्जी इनकम टैक्स रिफंड का बड़ा खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में आयकर विभाग की कार्रवाई में फर्जी इनकम टैक्स रिफंड का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि 649 करदाताओं ने गलत तरीके से रिफंड क्लेम किया। इनमें केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, साथ ही निजी कंपनियों के वरिष्ठ कर्मचारी भी शामिल हैं।

छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
आयकर विभाग द्वारा हाल ही में की गई छापेमारी और सर्वे के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए। जांच के दौरान एक कर सलाहकार दिनेश पंवार के यहां से ऐसे रिकॉर्ड मिले, जिनसे फर्जी रिफंड के नेटवर्क का खुलासा हुआ। इन दस्तावेजों के विश्लेषण में सामने आया कि सैकड़ों करदाताओं ने टैक्स बचाने के लिए गलत दावे (फर्जी क्लेम) किए।

मैनेजमेंट स्तर के कर्मचारी भी शामिल
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी रिफंड लेने वालों में सिर्फ आम करदाता ही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, निजी कंपनियों के मैनेजमेंट स्तर के कर्मचारी भी शामिल हैं। इससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

कैसे किया गया फर्जीवाड़ा
आयकर विभाग के अनुसार, करदाताओं ने टैक्स बचाने के लिए गलत जानकारी देकर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिफंड क्लेम किया। छापेमारी में मिले डेटा के आधार पर 649 ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें रिटर्न फाइलिंग के दौरान अनियमितताएं पाई गईं।

किन-किन क्षेत्रों के करदाता शामिल
जांच में सामने आया कि इंदौर रेंज-1 में 300 से अधिक करदाता, जबकि इंदौर रेंज-4 में 235 करदाता और उज्जैन रेंज में 34 करदाता फर्जी क्लेम में शामिल पाए गए हैं।

अब क्या कार्रवाई होगी
आयकर विभाग ने सभी संदिग्ध करदाताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्हें संशोधित (सही) इनकम टैक्स रिटर्न भरने के निर्देश दिए जाएंगे।

कितना देना होगा टैक्स और जुर्माना
नियमों के अनुसार दोषी पाए जाने पर करीब 30% तक टैक्स वसूला जाएगा। 200% तक पेनल्टी लग सकती है। साथ ही पिछले वर्षों का ब्याज भी वसूला जाएगा

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