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पटवारी सुसाइड केस में बड़ा एक्शन: नायब तहसीलदार निलंबित; एफआईआर की मांग पर परिजन अड़े, विधायक भी धरने में शामिल

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 अप्रैल 2026, 3:19 pm
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पटवारी सुसाइड केस में बड़ा एक्शन

खुलासा फर्स्ट, रतलाम।
आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के आत्महत्या मामले में बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर मिशा सिंह ने की। इसके बावजूद परिजन और पटवारी संघ ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।

मंगलवार रात से ही परिजन और पटवारी संघ औद्योगिक क्षेत्र थाने में धरने पर बैठे थे। बुधवार सुबह परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और मेडिकल कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।

स्थिति को देखते हुए अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एसडीएम आर्ची हरित मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जयस नेता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, जीवन सिंह सहित कई लोग धरने में शामिल हो गए।

पटवारी संघ ने आरोप लगाया है कि नायब तहसीलदार द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे परेशान होकर रविशंकर खराड़ी ने आत्महत्या की। संघ ने इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बताते हुए हत्या के समान प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि मृतक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट मृत्यु पूर्व बयान के रूप में माना जाए और उसी आधार पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले मंगलवार रात परिजन थाने पहुंचे थे और बुधवार तड़के तक धरने पर बैठे रहे। पुलिस ने उन्हें समझाया कि जांच प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच में है।

घटना से पहले 15 दिन पुराना एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें पटवारी ने नायब तहसीलदार पर काम के दबाव और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मृतक के परिजनों ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और काम के दबाव के कारण ही यह कदम उठाया गया।

रविशंकर खराड़ी की पारिवारिक स्थिति भी अत्यंत संवेदनशील बताई जा रही है। उनकी चार साल की बेटी है और पत्नी गर्भवती है। परिवार में मां, छोटा भाई और बहन भी साथ रहते हैं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई है, लेकिन परिजन और संगठन एफआईआर की मांग पर अड़े हुए हैं। पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस-प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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