अंबेडकर जयंती पर निकलेगी ‘भीम ज्योति क्रांति यात्रा’: स्मारक पर प्रशासक नियुक्त करने की मांग; वीआईपी व्यवस्था को लेकर आपत्ति
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर-महू में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर इस बार कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में रविवार 12 अप्रैल को शाम 5:30 बजे इंदौर में पहली बार ‘भीम ज्योति क्रांति यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा बड़े गणपति से शुरू होकर राजवाड़ा तक पहुंचेगी, जिसमें झांकियां, बैंड-बाजे और बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे।
सामाजिक एकता और अधिकारों के संदेश के साथ यात्रा
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा ‘संविधान समर्थक समाज जोड़ो अभियान’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना और भीम जन्मभूमि स्मारक को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जनजागरण करना है। यात्रा में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा भाग लेंगे। यह जानकारी इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (भारतीय बौद्ध महासभा) की जिला इकाई के अध्यक्ष शुभम रायपुरे, महामंत्री संतोष कपकाड़ और कोषाध्यक्ष सुनील बी. प्रधान ने दी।
इंदौर और महू में होंगे विशेष आयोजन
जयंती के उपलक्ष्य में इंदौर के राजवाड़ा चौक पर भव्य कार्यक्रम होंगे, वहीं महू (भीम जन्मभूमि) में मध्यरात्रि को समता सैनिक दल द्वारा मानवंदना और सलामी दी जाएगी। 12 और 13 अप्रैल को पंचशील नगर स्थित बुद्ध विहार में युवाओं के लिए समता सैनिक दल का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।
13 अप्रैल को बाइक रैली और मध्यरात्रि में मानवंदना
13 अप्रैल को रात 8:30 बजे भीमनगर, इंदौर से बाइक रैली निकलेगी, जो महू पहुंचेगी। इसके बाद हरिफाटक से समता सैनिक दल के साथ संयुक्त रैली आयोजित होगी। मध्यरात्रि 11:55 बजे समता सैनिक दल अपनी निर्धारित वर्दी में भीम जन्मभूमि पर पहुंचकर डॉ. आंबेडकर को गार्ड ऑफ ऑनर और मानवंदना अर्पित करेगा।
प्रमुख अतिथि और विशिष्टजन होंगे शामिल
इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अंबेडकर के प्रपौत्र और भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. भीमराव यशवंतराव अंबेडकर शामिल होंगे। इसके अलावा एड. एस.के. भंडारे, जगदीश गवई, वी.एच. गायकवाड़, डॉ. चरणदास डेंगरे, डॉ. उत्तम राव प्रधान, आर.सी. बौद्ध, गौतम पाटिल, शांताराम वाघ और साधना ताई गवले सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
व्यवस्थाओं और वीआईपी कल्चर पर उठाए सवाल
आयोजकों ने भीम जन्मभूमि परिसर में डोम और मंच निर्माण तथा वीआईपी व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एकमात्र रास्ता संकरा होने के कारण आमजन को दर्शन में परेशानी होती है और इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्मारक पर प्रशासक नियुक्त करने की मांग
भारतीय बौद्ध महासभा ने भीम जन्मभूमि से जुड़े विवादों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है। पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 से जारी विवाद की जड़ आर्थिक अनियमितताएं और फर्जी सदस्यता है। महासभा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्मारक पर हो रही कथित अवैध वसूली और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच हो, निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध सदस्यता और कब्जे के आरोपों पर कार्रवाई हो, हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय तक स्मारक पर प्रशासक नियुक्त किया जाए।
बताया गया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ के निर्देश पर यह मामला पंजीयक फर्म्स एवं सोसायटीज, भोपाल के समक्ष विचाराधीन है। हाल ही में पंजीयक ने एक आपत्ति को खारिज करते हुए संबंधित रिकॉर्ड जमा करने के निर्देश दिए हैं। महासभा का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है और प्रशासनिक उदासीनता बनी हुई है, जो चिंता का विषय है।
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