सेंव-परमल वाली भारतीय जनता पार्टी शीर्ष पर: कार्यकर्ताओं का गर्व
KHULASA FIRST
संवाददाता

शैलेन्द्र महाजन वरिष्ठ पत्रकार खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जनसंघ, जनता पार्टी फिर भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी होने के साथ सफ़र को आगे बढ़ाने में निर्माण और उत्थान में दो-दो नेताओं की जोड़ी महत्वपूर्ण रही। शून्य से शुरुआत करते समय अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी उसके बाद शिखर पर पहुचाने वाले नरेंद्र मोदी और अमित शाह।
भारतीय जनता पार्टी का बीज 1951 में स्थापित जनसंघ के रूप में हुआ। उसके बाद 1977 में जनसंघ का जनता पार्टी में विलय एक अस्थायी पड़ाव था, नेताओं में वैचारिक मतभेदों के चलते ने एक स्वतंत्र संघठन निर्माण की प्रेरणा मिली।
तमाम राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद 6 अप्रैल 1980 को इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई।इस दिन एक नई सुबह के साथ भारतीय जनता पार्टी ने गिनती के कार्यकर्ताओं के साथ नई शुरुआत की थी,जो आज विश्व के सबसे बड़ी कार्यकर्ताओं की पार्टी बन चुकी है ।
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना भले 6 अप्रैल 1980 को हुई हो,लेकिन इसका इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा है। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार पर भारत के चुप रहने पर जवाहरलाल नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की।
डॉ. मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ ने कश्मीर को विशेषाधिकार देने का विरोध किया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जेल में डाल दिया गया, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।जो आज तक पहेली ही है ।
आज 47 वाँ स्थापना दिवस पर हर उस पार्टी के कार्यकर्ता के लिए गर्व का प्रतीक है, जिसने जनसंघ,जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी के लिए सेव-परमल खाकर पार्टी का काम किया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन को मानवता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के मूलमंत्र के साथ आगे बड़ी और तमाम राजनीतिक उतार-चढ़ाव के साथ 6 अप्रैल 1980 से इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी।
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में दो सीट से सफ़र की शुरुआत करते हुए 1989 में 85 सीट तो वहीं 1991 में राम मंदिर की लहर ने पार्टी को 120 सीटें दिलाई।इसके बाद भी पार्टी की सीटें लगातार बढ़ती रही 1996 में 161 सीट, 1998 में 182 सीटें मिली।
इसके बाद साल 2014 में चुनावी नारा ‘अबकी बार-मोदी सरकार’ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने इतिहास रचा और पार्टी को 282 लोकसभा सीटें जीती,वहीं 2019 में 303 सीटें तो 2024 में 240 सीट जीतकर बीजेपी ने हर तरफ कमल खिलाया और नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पूरी दुनिया में हैं,भाजपा ने जो कहा वो किया।सौगंध राम की खाते है,मंदिर वही बनाएंगे…और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ।जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ‘एक देश-एक निशान-एक विधान-एक प्रधान’ का सपना जम्मू कश्मीर से 370 हटाकर पूरा किया है।
एक बार में तीन बार ‘तलाक’ (तलाक-ए-बिद्दत) बोलना अब गैरकानूनी है,अवैध और शून्य घोषित किया।वही नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए) के तहत भाजपा सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान देने जैसे ऐतहासिक मुद्दों से जनता के बीच गहरी पैठ बनाई।
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