खबर
Top News

निगम का बजट पेश होने से पहले सियासी माहौल गरमाया: काली पट्टी बांधकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष; कांग्रेस पार्षद गंदे पानी की बॉटल लेकर पहुंचे

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 अप्रैल 2026, 11:41 am
237 views
शेयर करें:

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम का बहुप्रतीक्षित ई-बजट आज पेश होने जा रहा है। करीब 8450 करोड़ रुपए के इस बजट में शहर के विकास की रूपरेखा तय होगी, वहीं विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सत्ता पक्ष को घेरने के मूड में नजर आया।

इस बार करीब 8450 करोड़ रुपए का बजट
शहर के विकास की दिशा तय करने वाला इंदौर नगर निगम का ई-बजट आज पेश किया जाना है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस बार करीब 8450 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत करेंगे, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और जल परियोजनाओं पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

सियासी माहौल गरमा गया
बजट पेश होने से पहले ही नगर निगम परिसर में सियासी माहौल गरमा गया। विपक्षी पार्षद रणनीति के तहत एकजुट होकर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष ने विरोध दर्ज कराने के लिए दाएं हाथ में काली पट्टी बांधी, जबकि कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी अलग अंदाज में नजर आए।

पियो नाली का पानी, नगर निगम के विकास की कहानी
वे टी-शर्ट पर ‘पियो नाली का पानी, नगर निगम के विकास की कहानी’ जैसा स्लोगन लिखकर पहुंचे, जो शहर की जल व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया गंदे पानी की बॉटल लेकर पहुंचे।

बजट के बाद होगी बहस
नगर निगम में ई-बजट पेश होने के बाद बुधवार को इस पर विस्तृत चर्चा और बहस होगी। विपक्ष ने पहले ही विभिन्न मुद्दों खासतौर पर पानी, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बना ली है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और जल परियोजनाओं पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, इस बार के बजट में शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर रहेगा। प्रमुख प्रस्तावों में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को आगे बढ़ाना, मास्टर प्लान की सड़कों को तय समय में पूरा करना और कुशवाह नगर में नई सड़क का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, सभी वार्डों में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना भी बजट का हिस्सा हो सकती है।

अमृत-2 योजना से मिलेगी रफ्तार
अमृत-2 योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए से अधिक के जल प्रोजेक्ट्स को गति देने की तैयारी है। इसमें नई पानी की टंकियों का निर्माण, नई पाइपलाइन बिछाना और पुरानी लाइनों को बदलना शामिल है। साथ ही जलूद से इंदौर तक नर्मदा-4 परियोजना के कार्यों को भी तेज किया जाएगा।

सियासत और विकास के बीच संतुलन की चुनौती
एक ओर जहां निगम प्रशासन शहर के विकास को गति देने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रहा है, वहीं विपक्ष बुनियादी समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बजट शहर की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और सियासी बहस में किसका पलड़ा भारी रहता है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!