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अफसरशाही की भेंट चढ़ा बेसमेंट अभियान: निगम ने नोटिस जारी किए लेकिन बेसमेंट में पार्किंग कितनी बनी जानकारी नहीं

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 अप्रैल 2026, 3:00 pm
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अफसरशाही की भेंट चढ़ा बेसमेंट अभियान

फायर अधिकारी ने सवा सौ से अधिक नोटिस किए जारी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम अफसरों की मिलीभगत से शहर में बेसमेंट का अन्य उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। निगम बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए अभियान चलाता है, जिम्मेदार नोटिस जारी करते हैं और इक्का-दुक्का बेसमेंट मालिकों पर कार्रवाई होती है फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। कई वर्षों से यह सिस्टम बन गया है।

शहर के यातायात को बेहतर बनाने और पार्किंग व्यवस्था को सहज बनाने के लिए निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शहर के बहुमंजिला भवनों में स्थित बेसमेंट में पार्किंग बनाने का अभियान शुरू किया है।

इसके चलते निगम के 22 जोन पर पदस्थ भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक के साथ फायर अधिकारी ने करीब सवा सौ से अधिक नोटिस जारी किए हैं।

मौजूदा में नोटिस मिलने के बाद बेसमेंट में पार्किंग सुविधा शुरू की जा रही है, यह दावा निगम के बिल्डिंग अफसर कर रहे हैं, लेकिन कितने बेसमेंट में पार्किंग शुरू हुई, इसका आंकड़ा नहीं है।

इससे निगम के अभियान पर सवालिया निशान लग गया है। ज्ञात रहे कि प्रशासन और निगम ने संयुक्त रूप से यह अभियान शुरू किया था, लेकिन कुछ समय बाद ही ठप हो गया।

उसके बाद हर वर्ष यह अभियान शुरू होता है, कुछ नोटिस जारी होते हैं, जिनसे निगम अफसरो की सेटिंग नहीं होती है उन पर कार्रवाई कर पूरा मामला ठप हो जाता है।

इस अभियान से शहरवासियों को भले ही फायदा नहीं मिलता है, लेकिन अभियान के नाम पर भवन अधिकारी, भवन निरीक्षक जमकर कमाई करते हैं।

धड़ल्ले से कमर्शियल उपयोग
रीगल तिराहा स्थित पाकीजा शोरूम के बेसमेंट में निगम ने कार्रवाई कर पार्किंग शुरू कराने का दावा किया था, लेकिन मौजूदा में उस बिल्डिंग के बेसमेंट में पार्किंग है या उसका अन्य उपयोग हो रहा है, इसे निगम अफसर खुद ही जांच सकते हैं।

इसी तरह सी21 शॉपिंग मॉल के पीछे स्थित बड़े-बड़े कमर्शियल प्रतिष्ठानों के बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए कई बार नोटिस जारी हुए, लेकिन मौजूदा में यहां बेसमेंट का उपयोग किस तरह हो रहा है यह भी निगम के जिम्मेदार जांच सकते हैं।

एमजी रोड, सपना-संगीता रोड सहित किसी भी प्रमुख मार्ग पर बेसमेंट की जांच की जाए, सभी जगह बेसमेंट का कमर्शियल उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है।

पूरा मामला फाइलों में दबा रह गया
नगर निगम की नाक के नीचे स्थित जेल रोड पर बने बेसमेंट निगम व प्रशासन के अफसरों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। यहां प्रदेश का सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक मार्केट है जिसकी अधिकतर दुकानें बेसमेंट में ही संचालित हो रही हैं।

बीते वर्ष जेल रोड पर बेसमेंट में पार्किंग शुरू कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निगम अफसरों की मिलीभगत और नेताओं के संरक्षण से पूरा मामला फाइलों में दबा रह गया।

गौरतलब है कि मौजूदा में जेल रोड पर वाहन पार्किंग के हालात इस तरह बने हुए हैं कि पूरी सड़क पर वाहन खड़े होने से आमजन का निकलना भी दूभर हो रहा है।

अभियान चलाने के मायने क्या हैं
नगर निगम में अफसरों की मंशा के अनुरूप ही कामकाज होता है। यही वजह है कि हर वर्ष सौ से अधिक बेसमेंट में पार्किंग बनाने के नोटिस जारी होने के बाद भी बेसमेंट में दुकान, अस्पताल, कोचिंग सहित कई अन्य उपयोग हो रहे हैं, लेकिन पार्किंग नहीं होती है।

जब बेसमेंट में पार्किंग बनती ही नहीं है तो अभियान चलाने के मायने क्या हैं। निगम के इस अभियान को लेकर कहा जाने लगा है कि यह अभियान निगम अफसरों की कमाई का अभियान है, जो हर साल चलाकर अपनी जेब भरी जाती है।

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