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‘बाप में दम’ हुआ बेदम: कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मांगा जवाब

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 अप्रैल 2026, 12:48 pm
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‘बाप में दम’ हुआ बेदम

वंदे मातरम् पर चैलेंज कर चौतरफा घिर गई मुस्लिम महिला पार्षद, कांग्रेस भी खफा, मुख्यमंत्री बिफरे

वंदे मातरम् पर शहर कांग्रेस में उभरे मतभेद, अध्यक्ष चौकसे को नहीं मिला प्रदेश कांग्रेस का साथ

रूबीना-फौजिया के दंभ पर चौथे दिन भी उबलती रही अहिल्या नगरी, राजनीति भी सरगर्म

राष्ट्र गीत के समर्थन में विरोध करने वाली पार्षदों को मिल रहा हर तरफ से पलटवार

खजराना के बाद चंदन नगर के मुसलमानों ने भी गाया राष्ट्र गीत, अलग-थलग पड़ा विरोध

मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम् गाने से इनकार को बेशर्मी बताया, पटवारी व राहुल से मांगा जवाब

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी भी आए सामने, अनुशासन समिति करेगी पार्षदों पर कार्रवाई

भाजपा ने सामाजिक-व्यापारिक संगठनों की बुलाई बैठक, अब हर आयोजन की शुरुआत वंदे मातरम् से की जाएगी

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
किसके बाप में दम है, जो हमसे वंदे मातरम् गवा के दिखाए...!! इस चैलेंज के साथ कांग्रेस की मुस्लिम महिला पार्षदों द्वारा नगर निगम परिषद की बैठक में दिखाया गया दंभ अब चूर-चूर होता जा रहा है। इस मुद्दे पर महिला पार्षद चौतरफा घिर गईं।

न पार्टी का साथ मिला, न कौम का। परिषद भी खफा हो गई और सरकार की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई। नतीजतन मामले के चौथे दिन तक आते-आते ‘बाप में दम’ का दम निकल गया और वह बेदम हो गया। अब मसला दोनों पार्षदों पर कार्रवाई पर आकर थम गया है।

ये कार्रवाई भी दो तरफा होना है, एक नगर निगम, दूसरी पार्टी स्तर पर। पहली कार्रवाई में महिला पार्षदों की पार्षदी संकट में है, तो दूजी में पार्टी की सदस्यता। इस बीच राष्ट्र गीत को लेकर इंदौर से भोपाल-दिल्ली तक की राजनीति गर्म हो गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी खुलकर सामने आ गए और उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से वंदे मातरम् पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस भी शुरुआती दो दिन की हिचकिचाहट के बाद इस मुद्दे पर मुखर हुई और पूरे मामले को भाजपा की साजिश करार दे जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का षड्यंत्र करार दिया है।

इंदौर के मुस्लिम बहुल खजराना व आजाद नगर इलाके से बरसों से पार्षद बन रही रूबीना इकबाल खान व फौजिया शेख अलीम का बड़बोलापन अब न सिर्फ उन्हीं पर, बल्कि उनके दल कांग्रेस पर भी भारी पड़ता जा रहा है। निगम परिषद की बैठक में दिखाए गए दंभ से घर बैठे भाजपा को कांग्रेस को घेरने का बड़ा व देशव्यापी मुद्दा मिल गया।

लिहाजा अब इस मसले पर कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी एंंट्री हो गई। आपके प्रिय पक्का इंदौरी खुलासा फर्स्ट ने सर्वप्रथम बताया था कि मामला सीएम तक पहुंच गया है और ट्रिपल इंजिन की सरकार का दूसरा इंजिन यानी प्रदेश की भाजपा सरकार भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गई है। खुलासा फर्स्ट ने राष्ट्र गीत के मुद्दे पर भाजपा नीत परिषद को दिए गए चैलेंज पर निगम सभापति, मेयर ही नहीं, ट्रिपल इंजिन सरकार की बेबसी का भी खुलासा किया था।

महापौर के राजधानी पहुंचते ही ये बेबसी टूट गई। मेयर पुष्यमित्र भार्गव व सीएम डॉ. मोहन यादव के बीच डिजिटल बजट को लेकर ये मुलाकात थी, लेकिन इस मुलाकात को ही निमित्त बनाते हुए दूसरे इंजिन की सक्रियता का खुलासा शनिवार को पक्के इंदौरी अखबार ने किया था।

खुलासा करने के चंद घंटों बाद ही मुख्यमंत्री इस मसले पर सामने आए। उन्होंने दो टूक व तल्ख रूप से वंदे मातरम् गाने से इनकार को बेशर्मी करार दिया और स्वयं को शर्मसार भी करार दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदे मातरम् के मान को देश-दुनिया में बढ़ा रहे हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस का ये कृत्य राष्ट्र गीत का अपमान है।

ये अपमान असहनीय है और इस मुद्दे पर जीतू पटवारी व राहुल गांधी जवाब दें कि वंदे मातरम् को लेकर उनकी क्या नीति है? उन्होंने पटवारी को आईना भी दिखाया कि उनके गृह जिले में उनकी ही पार्टी की जनप्रतिनिधियों की वंदे मातरम् को लेकर ये नीति शर्मनाक है।

मुख्यमंत्री के मैदान में आते ही इस मुद्दे पर सीधे बात करने से बच रही प्रदेश कांग्रेस भी मुखर हुई। इंदौर में इस मुखरता की जाजम बिछी, जिस पर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी व वरिष्ठ नेता सहज वर्मा के साथ वे शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी बैठे थे, जिन्होंने विवाद सामने आते ही दोनों महिला पार्षदों को आड़े हाथ लेकर कांग्रेस की लाज बचा ली थी।

चौकसे के एक्शन की भाजपाई गढ़ इंदौर में सर्वत्र सराहना भी हुई और इस मुद्दे पर उन्होंने पहले दिन कांग्रेस को भाजपा की तुलना में बढ़त भी दिला दी थी। बाद में कांग्रेस ने अपनी आदत के मुताबिक वो सब किया, जिसके कारण पार्टी प्रदेश में राजनीतिक रूप से दुर्गति को प्राप्त है। मसला गुटबाजी से जुड़ गया और चौकसे को बैकफुट पर कर दिया। इसके साथ ही भाजपा इस मुद्दे पर फ्रंटफुट पर आ गई।

इसी फ्रंटफुट का नतीजा रहा कि पटवारी को कहना पड़ा कि पार्षदों के वंदे मातरम् पर बोल गलत थे और उन पर कार्रवाई पार्टी की अनुशासन समिति करेगी। चौकसे के बगल में बैठे होने के बावजूद पटवारी ने दो टूक कहा कि किसी पदाधिकारी को ये हक नहीं कि कौन पार्टी में रहेगा या नहीं और कौन कांग्रेस कार्यालय आएगा या नहीं आएगा।

शहर कांग्रेस का कार्यालय जनता का है, शहर का है, इसमें कौन आएगा-जाएगा, इसका फैसला कोई पदाधिकारी नहीं कर सकता। प्रदेश अध्यक्ष पटवारी के इस बयान ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे के उस फरमान पर सवालिया निशान लगा दिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन्हें वंदे मातरम् से परहेज है, वे पार्टी की मीटिंग, आयोजन से दूर रहें। गौरतलब है कि चिंटू चौकसे की इसी दो टूक ने इस मुद्दे पर भाजपा को पहले दिन बैकफुट पर ला दिया था।

इधर, अहिल्या नगरी इंदौर राष्ट्र गीत के अपमान के मसले पर चौथे दिन भी उबलती व उद्वेलित होती रही। मोर्चा दो तरफा खुला रहा। एक तरफ जनसामान्य था, दूसरी तरफ राजनीति। जनसामान्य ने मुस्लिम बहुल इलाके खजराना के बाद चंदन नगर में राष्ट्र गीत पूरे शान से गाया और देश से जुड़े इस गीत पर सियासत को जवाब दिया।

उधर, भाजपा में तुरत-फुरत 150 से ज्यादा सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक संगठनों की बैठक बुला ली। इसमें तय हुआ कि अब हर संगठन अपने कार्यक्रमों की शुरुआत वंदे मातरम् से करेगा। कल ही शहर में निकली एक शोभायात्रा से इसकी शुरुआत भी कर दी गई।

उधर, कांग्रेस ने इस पूरे मुद्दे को भाजपा का षड्यंत्र करार दिया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा हर बार परिषद की बैठक में साम्प्रदायिक मुद्दे को तूल देकर शहर की दुर्दशा पर जवाब देने से बचती है। वंदे मातरम् पर विवाद इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।

उधर, कांग्रेस के ही नेताओं ने दोनों महिला पार्षदों के भाजपाई रिश्तों का भी खुलासा कर इस मामले को नया रंग दे दिया है। भाजपा में भी अब इस बात ने जोर पकड़ लिया है कि आखिर इन दोनों महिला पार्षदों व अनवर डकैत पर भाजपा में किसका वरदहस्त रहा है।

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