जयपुर इन्वेस्ट मीट में दागी चेहरे का राजनीतिक ब्रांडिंग करने का प्रयास: अवैध शराब के काले इतिहास को सेल्फी से सफेद करने की नाकाम कोशिश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जयपुर/नीमच।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास और औद्योगिक निवेश के एक नए स्वर्ण युग की ओर कदम बढ़ा रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के आईटीसी राजपूताना होटल में आयोजित ‘इन्वेस्ट एमपी’ मीट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने ओजस्वी संबोधन से न केवल राजस्थान के दिग्गज उद्योगपतियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि उन्हें मध्यप्रदेश की धरती पर उद्योग स्थापित करने के लिए लाल कालीन बिछाकर खुला निमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट विजन है कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए पारदर्शी और सुलभ वातावरण तैयार किया जाए, ताकि प्रदेश आर्थिक महाशक्ति बन सके। डॉ. यादव की इस पहल को देशभर के आर्थिक गलियारों में सराहा जा रहा है और इसे मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
विकास के इस भव्य आयोजन की चमक के पीछे नीमच के एक ‘दागी’ शराब साम्राज्य के वारिस ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस पवित्र मंच का राजनीतिक लाभ उठाने की धृष्टता की है। नीमच के कुख्यात ‘अमौली ग्रुप’ के शराब कारोबारी अशोक अरोरा के पुत्र अरूल अरोरा ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी खिंचकर उसे सोशल मीडिया पर इस तरह प्रचारित किया जैसे वे कोई महान समाजसेवी या प्रतिष्ठित उद्योगपति हों।
हकीकत यह है कि यह सेल्फी केवल एक ढोंग है, जिसके जरिए अवैध शराब के काले कारोबार से जुड़े अपने परिवार के दागों को सफेद करने की एक नाकाम और ओछी कोशिश की जा रही है।
जनता के बीच समाजसेवी होने का झूठा स्वांग रचने वाले अरूल अरोरा का पारिवारिक इतिहास अपराध और अवैध गतिविधियों से सना हुआ है। अभी पिछले दिनों ही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अशोक अरोरा और उनके गुर्गों के विरुद्ध अवैध शराब के 41 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें संगीन धाराओं में नए प्रकरण दर्ज किए हैं।
यह कार्रवाई इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अरोरा परिवार का साम्राज्य समाजसेवा पर नहीं, बल्कि कानून की धज्जियां उड़ाने पर टिका है। विडंबना देखिए कि एक ओर पुलिसिया शिकंजा कस रहा है, तो दूसरी ओर अवैध शराब के ये अड्डे फिर से फलने-फूलने लगे हैं, जहां गरीब मजदूरों का खून-पसीने का पैसा ओवर रेटिंग और अवैध वसूली के जरिए लूटा जा रहा है।
नीमच का बच्चा-बच्चा जानता है कि अशोक अरोरा और उनके अमौली ग्रुप के शराब अड्डों ने कितने ही हंसते-खेलते परिवारों को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है। इतना ही नहीं, अशोक अरोरा पर पिस्तौल से फायरिंग करने का मामला भी अभी पुलिस जांच में लंबित है।
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