मौत पर पर्दा डालने की कोशिश: गीता भवन हॉस्पिटल हादसे में बड़ा खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

मजदूर की मौत पर उठे सवाल, ठेकेदार पर हादसा छिपाने लग रहे आरोप
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
धर्म और सेवा के नाम पर संचालित गीता भवन चिकित्सालय के नव निर्माण कार्य के दौरान हुई 22 वर्षीय मजदूर करण मौरी की मौत अब एक बड़े विवाद में बदलती जा रही है। घटना के बाद मृतक के परिजन ने आरोप लगाया कि न केवल हादसे की वास्तविक जानकारी छिपाने की कोशिश की गई, बल्कि पुलिस को भी गलत सूचना देकर पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। मृतक करण मौरी कुक्षी के समीप स्थित एक गांव का निवासी था। परिजन के अनुसार गांव के करीब 18 से 20 मजदूर मजदूरी के लिए इंदौर आए हुए हैं और सभी गीता भवन चिकित्सालय के पुराने भवन को तोड़ने के कार्य में लगे थे। इन मजदूरों को इंदौर निवासी ठेकेदार राजू उर्फ राजा उस्मान गनी पिता इस्माइल के माध्यम से काम पर लगाया गया था।
ऊंचाई से गिरा मजदूर
जानकारी के अनुसार भवन तोड़ने के दौरान करण ऊंचाई से गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि पास में ही ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल की व्यवस्था होने के बावजूद उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया और गंभीर हालत में सीधे एमवाय अस्पताल भेज दिया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अब सवाल उठ रहा है कि जब संस्था स्वयं चिकित्सा सेवाएं संचालित करती है तो एक घायल मजदूर को तत्काल जीवन रक्षक उपचार क्यों नहीं मिला? क्या समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से उसकी जान बच सकती थी?
मृतक के परिजन ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया है कि घटना के बाद ठेकेदार राजू उर्फ राजा उस्मान गनी ने पुलिस को झूठी जानकारी दी। परिजन के मुताबिक पुलिस को यह बताया गया कि करण घर में गिरकर घायल हुआ था, जबकि वास्तविकता यह थी कि वह गीता भवन अस्पताल का भवन तोड़ने के दौरान दुर्घटना का शिकार हुआ। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल लापरवाही का मामला नहीं रहेगा, बल्कि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों को छिपाने, पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य प्रभावित करने का मामला भी बन सकता है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
परिजन का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे थाना पलासिया पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया और आठ दिन बाद आने की बात कहकर वापस भेज दिया।इस रवैये से नाराज परिजन ने चेतावनी दी है कि यदि वास्तविक घटना दर्ज कर दोषियों के खिलाफ मामला कायम नहीं किया गया तो पोस्टमार्टम के बाद शव रखकर प्रदर्शन किया जाएगा। पुलिस की इस कथित उदासीनता ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दुर्घटना में हुई मौत के मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू करने के बजाय परिजन को इंतजार करने के लिए क्यों कहा गया?
निर्माण कार्य की वैधता भी जांच के घेरे में
घटना के बाद गीता भवन चिकित्सालय के नव निर्माण कार्य को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुराने भवन की तोड़फोड़ और निर्माण कार्य आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना कराया जा रहा था। यदि निर्माण कार्य बिना आवश्यक अनुमति, सुरक्षा प्रबंध और श्रम कानूनों के पालन के किया जा रहा था तो नगर निगम के संबंधित भवन अधिकारी, ट्रस्ट के पदाधिकारी, निर्माण एजेंसी और ठेकेदार सभी की जवाबदेही तय हो सकती है।
मजदूरों की सुरक्षा भगवान भरोसे?
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा जाल और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या निर्माण स्थल पर कोई आपातकालीन चिकित्सा प्रबंध था? या फिर मजदूरों की जान को जोखिम में डालकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था? यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो यह मामला लापरवाही से मृत्यु से आगे बढ़कर गंभीर आपराधिक जिम्मेदारी का रूप ले सकता है।
जवाबदेही से बचने का प्रयास?
पिछले कुछ समय से धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े विवादों ने लोगों के विश्वास को झकझोर दिया है। धर्म और सेवा के नाम पर संचालित संस्थाओं से समाज संवेदनशीलता, पारदर्शिता और मानवीय मूल्यों की अपेक्षा करता है, लेकिन करण मौरी की मौत के बाद कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। क्या एक गरीब मजदूर की जान इसलिए महत्वहीन समझी गई क्योंकि वह निर्माण स्थल पर काम करने वाला श्रमिक था? क्या प्रभावशाली लोगों के रसूख के कारण वास्तविक घटनाओं को दबाने का प्रयास किया जा रहा है?
संबंधित समाचार

भाजपा कार्यालय के लिए नया भवन बनेगा:मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से की बातचीत; इन दो विधायकों को दी जिम्मेदारी, किसके बारे में पूछा-जादूगर कहां हैं?

मशहूर संगीतकार देवा का निधन:75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; 400 से ज्यादा फिल्मों में दिया संगीत

भाजपा ने मंडल अध्यक्ष कमल सिंह चौहान को कार्यालय बुलाया:गरबा पंडाल में 15 वर्षीय बालिका से धक्का-मुक्की का मामला; नगर अध्यक्ष ने जताई नाराजगी, संगठन के अगले कदम पर नजर

प्यासा इंदौर बेपरवाह पहरेदार:भाजपा की अंतर्कलह ने शहर को किया पानी-पानी!

देखिये वीडियो, नवरात्रि में शक्ति मोबाइल टीमें बन रही मददगार:गरबा पंडालों में संदिग्धों पर कार्रवाई; अकेली महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित पहुंचाया घर

गरबा पंडाल में घुसकर गाली-गलौज और गाड़ियों में तोड़फोड़ का आरोप:कांग्रेस नेता के पिता की आयोजकों ने की शिकायत; पुलिस से कार्रवाई की मांग

दीपावली से पहले बड़ी कार्रवाई:होटल के कमरे से लाखों रुपए कीमत के अवैध पटाखे जब्त; संचालक पर केस दर्ज

पूर्व मुख्यमंत्री ने मांगा मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा:‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के बारे में दी जानकारी; उज्जैन में जमीन आवंटन व होटल निर्माण पर भी उठाए सवाल

नवरात्रि में नारी का अपमान:शर्मनाक; कनकेश्वरी देवी गरबा महोत्सव में इंदौर की छवि कलंकित

वीडियो देखिये, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी ने क्या कहा:क्यों बोली-मुझे सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाली पॉलिटिकल वाइफ बना रहे

सूदखोर की बेरहमी से हत्या:गर्दन पर 5 और सिर पर किए 2 वार; गेंदे के फूल से पकड़े गए 4 आरोपी

सुप्रसिद्ध भजन गायिका बेटी के साथ पहुंची:आज इस शहर में कार्यक्रम में देंगी अपनी प्रस्तुति; भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने किया स्वागत

वीडियो देखिये, राहुल गांधी चुनाव में जीत नहीं पा रहे, इसलिए अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे:केंद्रीय मंत्री बोले- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के दिलों में बसते हैं, विपक्ष को जनता कई बार नकार चुकी

वीडियो देखिये, शहर की राजनीति पर क्या बोली वरिष्ठ नेत्री:गुटबाजी पर दिया ऐसा जवाब; जल संकट और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर कही ऐसी बात

तलवारें खिंचीं या महज संयोग:शहर में घंटों रहे मुख्यमंत्री, इस मंत्री से नहीं हुई मुलाकात, साथ भी नजर नहीं आए

धूल का बढ़ता गुबार बना मुसीबत का कारण:निर्माण कार्य और बदहाल सड़कों से फजीहत; वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता में इजाफा

राजधानी में बच्ची की हत्या का विरोध:थाने के बाहर धरने पर बैठी महिलाएं; आरोपी को फांसी देने की मांग, पुलिस फोर्स तैनात

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला:एथेनॉल बनाने में अब नहीं होगा चीनी का इस्तेमाल; इन पर रहेगा जोर

घर में धन हानि रोकने के लिए अपनाएं ये 7 उपाय:तिजोरी से लेकर मुख्य दरवाजे तक रखें इन बातों का ध्यान; बढ़ेगा बैंक-बैलेंस

आंदाेलन को लेकर डॉक्टरों में दो फाड़:एक गुट हड़ताल के पक्ष में तो दूसरा विरोध में; मरीजों को हो सकती है परेशानी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!