अजा बच्चों पर हो रहा अत्याचार सरपंच की नाकामी, करेंगे प्रदर्शन: एक कक्ष में 55 बच्चे; भोजनालय-शौचालय भी साथ
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक कक्ष में 55 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। और तो और इसी एक कक्ष में शौचालय भी है और भोजनालय भी। ये अजा बच्चों के साथ सरासर अत्याचार है। सरपंच की नाकामी के खिलाफ अभा बलाई महासभा न केवल प्रदर्शन करेगी, बल्कि अकर्मण्य सरपंच को हटाने की मांग रखेगी।
मामला सांवेर विधानसभा के ग्राम बारोली (इंदौर-उज्जैन रोड) का है, जहां पहली से पांचवीं तक की कक्षा के लिए एक सरकारी स्कूल है। 10 सितंबर 2024 को दीवार गिरने और छत से पानी टपकने के बाद इसे तोड़ दिया गया, ताकि नया बनाया जा सके। वैसे, नियम ये है कि पहले नया बनाया जाता है फिर पुराना तोड़ा जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।
इस स्कूल के सभी 55 बच्चों को सामुदायिक भवन के एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। प्रधानाध्यापिका ने 19 जुलाई 2025 को विकासखंड स्रोत समन्वयक जनपद पंचायत को पत्र लिखा और बताया कि एक ही कक्ष में 55 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, जिनके लिए पृथक से न शौचालय है, न किचन शेड है और न अन्य कोई सुविधा है।
नया भवन जल्द से जल्द बनाया जाए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके बाद 24 जुलाई 2025 को शिक्षक पालक संघ की बैठक में अध्यक्ष रेखा पुजारी, शिक्षिका रेखा यादव और पंचों ने प्रस्ताव पास किया कि स्कूल भवन जल्द बनाया जाए।
ग्रामीण कहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए वे यहां कोई आयोजन नहीं करते, लेकिन स्थिति ये है कि सामुदायिक भवन के एक कमरे में 55 बच्चे पढ़ते हैं और शोर इतना होता है कि पढ़ाई प्रभावित होती है। उसी कक्ष में शौचालय भी है और मध्याह्न भोजन भी बनता है।
आश्चर्य की बात है कि बीआरसी मुकेश पटेल के मुताबिक, केंद्र सरकार ने क्षेत्र में स्कूल भवन नहीं बल्कि शौचालय मंजूर कर दिए हैं। इस पर मामला गर्मा गया है। कल अभा बलाई महासभा के अध्यक्ष मनोज परमार ने चेतावनी दी कि सभी बच्चे अजा के हैं और उनके साथ इस तरह का बर्ताव सहन नहीं किया जाएगा।
राशि मिलती है और काम नहीं होते। सरपंच काम करने में रोड़ा अटकाते हैं। महासभा इसका विरोध करेगी। यदि जल्दी भी स्कूल भवन नहीं बनाया गया तो कड़ा विरोध किया जाएगा और सरपंच को पद से हटाने की मांग की जाएगी।
सरपंच बिफरे- अंकुर जायसवाल को क्यों बताया
इस मामले में एक ऑडियो भी वायरल भी हुआ है। सरपंच सोनू पटेल की कांग्रेस नेता लक्ष्मीनारायण मालवीय की बात हो रही है, जिसमें सरपंच ने मालवीय को गाली-गलौच की है और कहा है कि स्कूल की जानकारी खुलासा फर्स्ट के प्रधान संपादक अंकुर जायसवाल को क्यों दी? यानी सरपंच खुलासा फर्स्ट में खबर छपने से डर रहा है और उन्हें धमका रहा है।
इस ऑडियो में वो कह रहा है कि तू स्कूल की खबरों को सोशल मीडिया पर क्यों डाल रहा है? कई बार अनुचित शब्दों का प्रयोग करता हुआ सुनाई दे रहा है। जाहिर है कि स्कूल भवन के निर्माण में सरपंच का कहीं कोई अड़ंगा है और वो अजा बच्चों को सुविधा नहीं देना चााहता है।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!