खुद व्हील चेयर पर पहुंचे थाने: पुलिस अधिकारी को बोले-थाली में नोट सजाकर लाना
KHULASA FIRST
संवाददाता

दो बच्चोंं का हुआ था अपहरण ; टीआई-एसीपी ने चैट पर उलझाए रखा
उधर पांच थानों की टीम के साथ डीसीपी, एडीसीपी ने मारी दबिश
भारी पुलिस बल को देख फिरौतीबाजों ने मल्टी से लगाई छलांग, चारों के टूटे पैर
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पलासिया थाना क्षेत्र के गीता नगर स्थित ग्रेटर तिरुपति गार्डन से दो मासूम बच्चों का अपहरण कर 15 लाख की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने चंद घंटों में आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं अपहृत बच्चों को सही-सलामत दस्तयाब कर लिया है।
एक तरफ बच्चों की मां से आरोपी वाट्सएप कॉल पर सौदेबाजी कर रहे थे, दूसरी तरफ पुलिस की पांच टीमें उनकी हर चाल पर नजर रखे थीं। जैसे ही पुलिस ने मल्टी को घेरा, घबराए किडनैपर्स ने पुलिस से बचने के लिए नीचे छलांग लगा दी, लेकिन चारों के पैर टूट गए।
जानकारी के मुताबिक पलासिया थाना क्षेत्र के लालाराम नगर स्थित ग्रेटर तिरुपति गार्डन में खेल रहे नैतिक पिता सन्नी सोनकर (10) निवासी बड़ी ग्वालटोली खटीक मोहल्ला और सम्राट पिता अजयचंद्र जयदेव (11) निवासी लालाराम नगर लापता हो गए थे। काफी तलाशने के बाद भी जब दोनों नहीं मिले तो पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक युवती दोनों बच्चों को बारह पत्थर चौराहा तरफ ले जाती दिखी। रहवासियों ने पुलिस के साथ आगे के फुटेज खंगाले तो युवती दोनों बच्चों को टैक्सी (कैब) में बैठाकर ले जाती दिखी। इसके बाद अपहरण का मामला मानते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।
करीब दो घंटे बाद नैतिक की मां पूजा को एक युवक का कॉल आया कि दोनों बच्चे मेरे पास हैं। उन्हें सही-सलामत चाहती हो तो 15 लाख की व्यवस्था करो, व्यवस्था हो जाए तो ठीक, नहीं तो बच्चों को लेकर शहर के बाहर निकल जाएंगे। यह सुनते ही दोनों बच्चों की माताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि नैतिक के पिता सन्नी सेंटपॉल स्कूल के सामने गन्ने के रस का ठेला लगाते हैं।
वहीं सम्राट के पिता अजयचंद्र जयदेव ऑर्केस्ट्रा पार्टी में, जबकि मां उर्मिला घरेलू काम करती है। दोनों बच्चों के परिवार अपहर्ता द्वारा मांगी गई इस बड़ी रकम की व्यवस्था करने में जुट गए।
इधर, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे टीआई सुरेंद्रसिंह रघुवंशी ने बच्चों के माता-पिता से पूछताछ शुरू की और टीम को सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगाया। इसी बीच नैतिक की मां पूजा के पास 4 से 5 बार अपहर्ता का कॉल आया कि 15 लाख की व्यवस्था हुई कि नहीं। वह गिड़गिड़ाते हुए पैसे की व्यवस्था करने की बात करती रही।
इसके बाद एसीपी तुषार सिंह ने पूजा से मोबाइल लेकर वाट्सएप पर चैटिंग के माध्यम से कॉलर से बात करना शुरू की। टीआई रघुवंशी और एसीपी सिंह ने कॉलर को वाट्सएप पर बातों में उलझाए रखा। डीसीपी राजेश व्यास भी घटनास्थल पहुंचे और माता-पिता से पूछताछ की। कुछ समय बाद एडीसीपी रामस्नेही मिश्रा भी पहुंचे और तुकोगंज, छोटी ग्वालटोली, संयोगितांज, पलासिया थाने की खुफिया टीम को कॉल ट्रेस पर लगाया।
3 बच्चों को ले जाने की फिराक में थी अपहर्ता युवती... एसीपी व टीआई द्वारा दोनों बच्चों के माता-पिता से पूछताछ की जा रही थी, तभी सन्नी सोनकर के भाई राहुल का बेटा ध्रुव बोला कि एक दीदी रोज गार्डन में आती थीं, जो हमें कुत्ता, बिल्ली, चूहा दिखाने ले जाने की बात करती थीं। उनके साथ एक लड़का भी आता था, जो हमें वीडियो दिखाता था और कहते थे कि ये जानवर देखने चलोगे, हम तुम्हें ये दे देंगे।
ब्याज पर उधार लिए थे 7 लाख... एक तरफ जहां पुलिस कॉलर की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी थी, वहीं माता-पिता फिरौती की राशि की व्यवस्था में जुट गए।
कुछ ब्याज पर तो कुछ परिचितों आदि से लेकर दोनों बच्चों के परिजन ने करीब 7 लाख रुपए जुटाए और कॉलर को 7 लाख की व्यवस्था होने की बात कही, लेकिन वह अड़ गया कि जितने मांगे हैं, उतने की ही व्यवस्था करो।
कैट रोड की आई थी लोकेशन
बच्चों को ढूंढ़ रही टीम को कॉलर की लोकेशन कैट रोड की मिली, इसके कुछ देर बाद राजेंद्र नगर के दत्त नगर की। इस पर आला अधिकारियों ने राजेंद्र नगर और राऊ थाने की खुफिया टीम को लगाया। उधर, टीआई व एसीपी ने कॉलर को लगातार उलझाए रखा और बच्चों के सही-सलामत होने के फोटो-वीडियो मांगे। इस पर अपहरणकर्ता कॉलर बच्चों के फोटो-वीडियो पूजा के मोबाइल नंबर पर भेजते रहे, जिसमें वे मोबाइल चलाते दिखाई दिए।
एक फोटो में बच्चे के पीछे मल्टी के फ्लैट में ऐसी लगा दिखा, जिस पर पूजा अपार्टमेंट लिखा हुआ था। इसके बाद राजेंद्र नगर व राऊ थाने की टीम ने लोकेशन के आधार पर अपहरणकर्ता युवती की बिल्डिंग शिवांक अपार्टमेंट को ट्रेस कर लिया और रैकी करने लगे।
जानकारी लगते ही डीसीपी राजेश व्यास और एडीसीपी रामस्नेही मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ दत्त नगर स्थित शिवांश अपार्टमेंट पहुंचे। पुलिस की गाड़ियों की आवाज सुन आरोपियों ने नीचे छलांग लगा दी, लेकिन चारों के पैर फ्रैक्चर होने से भाग नहीं पाए और टीम ने घेराबंदी कर धरदबोचा। उनकी निशानदेही पर फ्लैट में से दोनों बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम तनीषा पति ललित सेन (21), ललित पिता दशरथ सेन (21) निवासी दत्त नगर, कॉलर विनीत पिता राजेश प्रजापति (22) निवासी तिलक नगर एक्सटेंशन और मुख्य अपहरणकर्ता राधिका पिता राजेश प्रजापति (18) निवासी सहकार नगर, नियर गोशाला कैट रोड बताए गए हैं। राधिका फ्लिपकार्ट कंपनी में नौकरी करती है, जबकि उसका भाई आरोपी विनीत बेरोजगार है। वहीं आरोपी तनीषा हाउस वाइफ और उसका पति ललित ड्राइवर है।
करीब चार लाख का था कर्ज, सुनार के घर करने वाले थे चोरी... सूत्रों के मुताबिक पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी भाई-बहन विनीत और राधिका गरीब तबके से हैं, जिन पर पर करीब चार लाख का कर्जा था।
इसके चलते दोनों ने तनीषा और उसके पति ललित के साथ मिलकर एक सुनार के घर चोरी करने की साजिश रची थी, लेकिन आए दिन चोरी ट्रेस होने पर पकड़े जाने के डर से उन्होंने धन्नासेठ के बच्चों को उठाकर फिरौती मांगने की ठानी।
इसके बाद राधिका ने ग्रेटर तिरुपति गार्डन के सामने वाले पॉश इलाके स्थित गार्डन में खेलते बच्चों की रैकी की। गोरे-चिट्टे नैतिक, सम्राट और ध्रुव को देख उसे लगा कि ये किसी धन्नासेठ के बच्चे होंगे।
तीनों बच्चों को तीन दिन तक वह गार्डन में आकर बच्चों को बहलाती-फुसलाती रही और अपहृत कर दत्त नगर स्थित शिवांश अपार्टमेंट में अपनी फ्रेंड तनीषा के फ्लैट में ले गई। वहां बच्चों को मोबाइल और खाने-पीने की चीजों से बहलाकर नैतिक से उसकी मां पूजा का नंबर लिया और फिरौती की मांग रखी।
5 लाख की थी डिमांड... जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा पहले फिरौती 5 लाख मांगने की थी, लेकिन पकड़े जाने के बाद केस में ही इतने पैसे लग जाएंगे, सोचकर ललित ने 15 लाख की फिरौती मांगी। इसमें आधी राशि ललित और तनीषा द्वारा रखना तय हुआ था।
कमिश्नर के घर के सामने से बच्चों को लेकर निकली थी राधिका
सूत्रों के मुताबिक आला अफसरों ने तुकोगंज, छोटी ग्वालटोली, संयोगितागंज और पलासिया थाने के खुफिया के जवानों को एकत्रित किया और उन्हें आरोपी युवती राधिका के बच्चों को ले जाने वाले रास्ते के सीसीटीवी फुटेज चेक करने को कहा।
सबसे पहले तिरुपति गार्डन के समीप स्थित मल्टी के कैमरे में आरोपी युवती बच्चों को बारह पत्थर चौराहा तरफ ले जाती दिखी। वहां के फुटेज में बच्चों को एक एवरफ्रेश दुकान से सामान दिलाते हुए कैमरे में कैद हुई।
इसके बाद उसने वहां से कैब बुक की और पुलिस कमिश्नर के घर के सामने से होते हुए कैट रोड पहुंची। वहां कैब छोड़कर बच्चों को साथियों के साथ अपनी फ्रेंड तनीषा सेन के दत्त नगर स्थित शिवांश अपार्टमेंट के फ्लैट में लेकर पहुंची, जहां से फिरौती मांगी गई।
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