खबर
Top News

नशे के खूनी खेल में बलि चढ़ गया निर्दोष: परिजन और रहवासियों ने शव रखकर किया चक्काजाम; हत्यारों के घर तोड़ने और फांसी की मांग

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 अप्रैल 2026, 2:33 pm
254 views
शेयर करें:
नशे के खूनी खेल में  बलि चढ़ गया निर्दोष

खाकी पर फूटा आक्रोश, क्षेत्र बना नशे का बाजार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
निर्दोष इलेक्ट्रीशियन की रविवार शाम उसके मासूम बेटे के सामने हुई हत्या के बाद कल दोपहर को गौरी नगर क्षेत्र परिजन और रहवासियों के गुस्से, दर्द और सवालों से सुलग उठा। बेरहमी से हुई हत्या ने न केवल लोगों को अंदर तक झकझोरा बल्कि ये सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या यह सिर्फ एक हत्या थी या नशे के उस फैलते जाल का नतीजा, जिसे रोकने में हीरा नगर पुलिस नाकाम साबित हो रही है? लोगों ने शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनके हाथों में तख्तियां थीं गांजा-पावडर पर प्रतिबंध लगाओ, हत्यारों को फांसी दो, बदमाशों के घर तोड़ो।

सुरेंद्र साहू रविवार शाम गौरी नगर में साले कुलदीप की शादी की सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल होकर बेटे प्रणव (8) के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में बाइक का साइड स्टैंड हटाने को लेकर नशे में धुत कुछ युवकों ने अपशब्द कहे तो सुरेंद्र ने विरोध किया।

यह विवाद कुछ ही सेकंड में खूनी खेल में बदल गया। बदमाशों ने पहले गाली-गलौज की, फिर मारपीट और आखिर में चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर सुरेंद्र की जान ले ली। उनका हार्ट पंक्चर हो गया था।

प्रणव बोला- पापा को मुंह पर मारा, फिर चाकू मार दिया- सबसे खराब हालत उस मासूम की है जिसने आंखों के सामने पिता को मरते देखा। कल सुरेंद्र के शव का पीएम हुआ और परिजन शव लेकर गौरी नगर पहुंचे। सभी में हत्याकांड को लेकर जबरदस्त आक्रोश था।

इस दौरान बेटे प्रणव ने कांपती आवाज में बयान दिया कि उन्होंने पापा को मुंह पर मारा, फिर चाकू मार दिया, मैं बचाने भागा तो पत्थर फेंके। पति की हत्या के बाद पत्नी प्रीति बेसुध थी।

12 साल की बेटी साक्षी की आंखों में सिर्फ डर और सवाल थे। मेरे पापा को मारने वालों को मेरे सामने लाओ। परिवार का कहना है कि सुरेंद्र ही घर का सहारा था। अब बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।

तीन ही हिरासत में, तीन फरार- क्षेत्र में नशा रोकने में नाकाम पुलिस की आरोपियों की गिरफ्तारी में भी नाकामी दिख रही है। पुलिस का दावा है कि तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, कुछ नाबालिग भी हैं। तीन आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार लिया जाएगा। हथियार जब्त कर हत्या का केस दर्ज किया है।

भरोसा अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई से बनेगा- उक्त घटना से सवाल उठता है कि क्या पुलिस सिर्फ छोटे अपराधियों तक ही सीमित रहेगी या उन बड़े चेहरों तक पहुंचेगी, जो क्षेत्र में नशे का कारोबार चला रहे हैं? इस घटना ने एक और कड़वा सच भी उजागर किया है कि नशा अब संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जो सीधे-सीधे हत्या जैसे जघन्य अपराधों को जन्म दे रहा है।

स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि क्षेत्र में कई नेता सक्रिय हैं, लेकिन वे सिर्फ दिखावे की राजनीति तक सीमित हैं। नशे और अपराध जैसे असली मुद्दों पर सबकी चुप्पी साफ दिखाई देती है।

क्षेत्र में खुलेआम हो रहा नशे का कारोबार
चक्काजाम और प्रदर्शन के दौरान लोगों के हाथों में नशे के खिलाफ तख्तियां थीं। इलाके के लोगों ने खुलकर आरोप लगाया कि गौरी नगर और आसपास की बस्तियों में गांजा, पावडर और अन्य नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है। हर गली में नशेड़ी दिखाई देते हैं, नाबालिग बच्चे इस दलदल में धकेले जा रहे हैं।

छोटी-छोटी बातों पर झगड़े, चाकू, पत्थर चलना अब आम हो गया है। जहां इतनी बड़ी घटना हुई, वहीं पास में प्रशासनिक दफ्तर हैं, लेकिन सब्जी मंडी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में सुरक्षा के नाम पर पुलिस की मौजूदगी न के बराबर है। महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग, झगड़े, छीना-झपटी, यह सब रोजमर्रा की बात है।

लोगों का सीधा आरोप है कि पुलिस सड़कों पर चालान काटने में तो सक्रिय दिखती है, लेकिन बस्तियों में पल रहे नशे के नेटवर्क को तोड़ने में नाकाम है। लोगों का साफ कहना है कि छोटे गुंडों को पकड़ने से कुछ नहीं होगा, असली नशे के सौदागर पकड़ो।

परिजन की मांग थी कि आरोपियों के घर तोड़े जाएं, उन्हें फांसी की सजा दी जाए और इलाके में नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर परिजन माने और शव को दाह संस्कार के लिए ले गए।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!