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इंदौर के साथी को भी बनाया आरोपी: धार के ठग इन्फ्लुएंसर पर धोखाधड़ी का केस

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 2:51 pm
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इंदौर के साथी को भी बनाया आरोपी

खुलासा फर्स्ट की खबर का असर...

इंडियन कार बाजार के नाम से करता है दुकान संचालित

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले दिनों एक ऑटो डील संचालक ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत करते हुए बताया था कि धार के ऑटो डील इन्फ्लुएंसर ने इंदौर के एक ऑटो डील संचालक के साथ मिलकर उसके साथ करीब 13 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की है।

मामले को लेकर खुलासा फर्स्ट ने अपने पिछले अंकों में दोनों ठगों को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद संयोगितागंज पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद धार और इंदौर के दोनों ऑटो डील संचालकों पर केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी हैं।

करण सलूजा निवासी ऋतुराज कॉम्प्लेक्स की शिकायत पर पुलिस ने अमान पिता अयाज खान निवासी धार और उसके साथी आरिस पिता नौशाद अंसारी साउथ तोड़ा कोतवाली के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) 316(2) का केस दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक ऑटो डील संचालक फरियादी करण पिता राजू सलूजा निवासी रितुराज कॉम्प्लेक्स व सैयद अब्बास अली पिता सैयद हसन अली निवासी विकास रेखा इंद्र कॉम्प्लेक्स, नौलखा ने जनसुनवाई में पहुंचकर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को शिकायत करते हुए बताया था कि धार का सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान खान (इंडियन कार बाजार) और उसके साथी आरिस अंसारी निवासी साउथ नार्थ तोड़ा ने स्कॉर्पियो एस-11 (एमपी 09 एआर 5423) को ‘बैंक सीजिंग' की गाड़ी बताकर बेच दी थी।

भरोसा दिलाने के लिए वास्तविक वाहन विक्रम धाकड़ के नाम पर सौदा चिट्ठी भरी गई थी। इसके वाहन ट्रांसफर कराने का आश्वासन दिया गया था। सौदा 13 लाख 45 हजार रुपए में तय हुआ। सौदे के तहत 2.50 लाख रुपए आरिस अंसारी के खाते में, 50 हजार रुपए अमान खान के खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि शेष 10.45 लाख रुपए नकद दिए गए।

आरोपियों ने वाट्सएप पर बैंक दस्तावेज भी भेजे, जिससे फरियादी पूरी तरह भरोसे में आ गया। गाड़ी लेने के बाद उसमें 50 हजार का मैकेनिकल व एक्सेसरी का काम भी कराया गया। इसके बाद गाड़ी सेल के लिए ऑटोडील पर खड़ी की थी।

इस बीच 4 अप्रैल की देर रात अज्ञात लोग नौलखा स्थित ऑटोडील कार मालिक धाकड़ जीपीएस ट्रैक कर कार को सैयद अब्बास अली के डील से उठाकर ले गया था। उसने कार सीधे थाने ले जाकर खड़ी कर दी थी। अगले दिन सुबह एक पुलिसकर्मी ने फोन कर संयोगितागंज थाने बुलाया, थाने पहुंचे तो वाहन खड़ा मिला।

पुलिस ने फरियादियों से कहा कि जिनसे गाड़ी खरीदी है, उन्हें थाने लेकर आएं। इस पर सलूजा और अली ने बदमाश सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान और आरिस से संपर्क किया तो वह आश्वासन देने के बावजूद दोनों थाने नहीं पहुंचे।

दोनों जालसाजों ने झूठी जानकारी देकर उन्हें जाल में फंसाया और अमानत में खयानत की।

दोनों थाने बयान के लिए नहीं पहुंचे
शिकायत के बाद धार के आरोपी अमान खान (इंडियन कार बाजार) और उसके साथी आरिस अंसारी को बार-बार संयोगितागंज पुलिस ने बुलाया था, लेकिन पुलिस के बुलाने के बावजूद आरोपी बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचे थे।

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