इस फॉर्म से हटा अतिरिक्त घोषणा-पत्र: अब इस साल की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम बताने की जरूरत नहीं
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव किया है। जिन राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ऑनलाइन फॉर्म-6 से एसआईआर से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है।
अब इन राज्यों में नए मतदाता या दोबारा नाम जुड़वाने वाले आवेदकों को फॉर्म-6 भरते समय यह अतिरिक्त जानकारी नहीं देनी होगी कि उनका, उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली एसआईआर से जुड़ी पुरानी मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं।
यह बदलाव ECINET पोर्टल और ऐप के साथ संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पोर्टल पर भी लागू किया गया है।
हालांकि, जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां SIR से जुड़ा अतिरिक्त हिस्सा अभी दिखाई दे सकता है।
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया था कि एसआईआर के बाद गैर-एसआईआर अवधि में नियमों के तहत निर्धारित फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या था फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा का प्रावधान?
फॉर्म-6 नए मतदाता का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है। ऑनलाइन फॉर्म में पहले एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा के तहत आवेदक से पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी जा रही थी।
इसमें यह बताना होता था कि आवेदक का नाम पिछली एसआईआर वाली मतदाता सूची में था या नहीं। इसके अलावा माता-पिता या दादा-दादी के नाम के पुराने मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज होने से संबंधित जानकारी भी मांगी जाती थी। अब जिन राज्यों में एसआईआर पूरा हो चुका है, वहां यह अतिरिक्त हिस्सा हटा दिया गया है।
5 सवाल-जवाब में समझिए बदलाव
1. एसआईआर में मेरा नाम हट गया है, तो क्या दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम बताना होगा?
नहीं। जिन राज्यों में एसआईआर पूरा हो चुका है, वहां फॉर्म-6 से एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई है। इसलिए फॉर्म-6 के जरिए नाम जुड़वाते समय इस अतिरिक्त जानकारी की जरूरत नहीं होगी।
2. क्या इसका मतलब नाम बिना जांच के वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा?
नहीं। केवल एसआईआर से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटाया गया है। फॉर्म-6 की सामान्य प्रक्रिया और मतदाता बनने की पात्रता से संबंधित जांच जारी रहेगी।
3. पहली बार वोटर बनने वालों को क्या फायदा होगा?
पहली बार मतदाता बनने वाले आवेदकों को भी फॉर्म-6 में एसआईआर से जुड़ी पुरानी मतदाता सूची की अतिरिक्त जानकारी नहीं भरनी होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल होगी।
4. क्या पुरानी वोटर लिस्ट की जानकारी अब पूरी तरह अप्रासंगिक हो गई है?
ऐसा नहीं है। पुरानी मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े रिकॉर्ड अपनी निर्धारित प्रक्रियाओं में इस्तेमाल हो सकते हैं। बदलाव सिर्फ इतना है कि एसआईआर पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 के साथ उससे संबंधित अतिरिक्त घोषणा नहीं मांगी जाएगी।
5. यह बदलाव कब और कहां लागू हुआ?
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को गैर-एसआईआर अवधि में नियमों के तहत निर्धारित Form-6 इस्तेमाल करने की बात कही थी। इसके बाद 30 सितंबर को एसआईआर पूरा हो चुके राज्यों में ECINET पोर्टल और ऐप से अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई।
दो चुनाव आयुक्तों ने पहले उठाई थी आपत्ति
इस बदलाव से पहले फाॅर्म-6 में एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जोड़े जाने को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई थी।
दोनों आयुक्तों ने इस अतिरिक्त हिस्से को लेकर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया था कि फॉर्म-6 एक वैधानिक फॉर्म है और इसमें बदलाव के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
हालांकि, चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि एसआईआर से संबंधित आदेश और फॉर्म-6 में किए गए अपडेट आयोग की सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रक्रिया का हिस्सा थे।
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