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अपने ही फोटो पर 84 फर्जी सिम एक्टिवेट की: किस मजबूरी में बन गया अपराधी; पुलिस ने किया बड़े नेटवर्क का खुलासा

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 मार्च 2026, 1:55 pm
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अपने ही फोटो पर 84 फर्जी सिम एक्टिवेट की

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेशन के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक युवक को बैतूल से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने टेलीकॉम कंपनियों का टारगेट पूरा करने और ज्यादा बोनस कमाने के लालच में अपने ही फोटो का इस्तेमाल कर 84 सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट कर दिए।

ऑपरेशन FACE के तहत कार्रवाई
मामला राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन FACE” से जुड़ा है। इस अभियान के तहत ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें एक ही व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल कर कई सिम कार्ड एक्टिवेट किए जाते हैं।

क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई
इसी कड़ी में इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई। जांच के दौरान तीन संदिग्ध “FACE” चिन्हित किए गए, जिनमें से एक आरोपी को शुक्रवार को बैतूल से गिरफ्तार कर लिया गया।

एक ही फोटो से 84 सिम एक्टिव
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों से CAF (कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म) और अन्य दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक ही व्यक्ति के फोटो से एक्टिव किए गए थे। पकड़े गए आरोपी की पहचान विपिन मगरदे के रूप में हुई है, जिसने पूछताछ में करीब 84 सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट करने की बात कबूल की है।

बहन और दोस्त के नाम का भी इस्तेमाल
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने टारगेट पूरा करने के लिए अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए। इसके लिए उसने अज्ञात लोगों के आधार कार्ड का उपयोग किया।

बहन और दोस्त के नाम का भी इस्तेमाल
इतना ही नहीं, आरोपी ने अपनी बहन और दोस्त के नाम का भी इस्तेमाल किया, वह भी उनकी जानकारी के बिना। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि टारगेट पूरा होने के बाद कई सिम कार्ड डिएक्टिवेट कर दिए जाते थे।

किन धाराओं में मामला दर्ज
क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(e) और 42(6), भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 66C के तहत केस दर्ज किया है।

नेटवर्क की पड़ताल जारी
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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