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एसीपी कुंदन मंडलोई ने मारी बाजी उत्कृष्ट पुलिसिंग का बने मॉडल: एसीपी कार्य मूल्यांकन में खजराना नंबर 01; कमिश्नर ने अफसरों को दिए निर्देश

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 मार्च 2026, 3:31 pm
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एसीपी कुंदन मंडलोई ने मारी बाजी उत्कृष्ट पुलिसिंग का बने मॉडल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की पुलिसिंग में इस बार खजराना सर्किल ने बाज़ी मार ली। कमिश्नर संतोषकुमार सिंह द्वारा किए गए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कार्य मूल्यांकन में खजराना के एसीपी कुंदन मंडलोई प्रथम रहे। यह उपलब्धि सिर्फ रैंकिंग नहीं, उस एक्टिव, जवाबदेह और जनकेंद्रित पुलिसिंग की पुष्टि है, जिसकी अपेक्षा पुलिस कमिश्नर लंबे समय से कर रहे थे।

कुंदन मंडलोई ने अपनी कार्यशैली से साबित कर दिया नेतृत्व मजबूत हो, तो पुलिसिंग कागजों में नहीं, बल्कि मैदान में भी नजर आती है।

डीजीपी के ‘उत्कृष्ट पुलिसिंग’ विज़न को मजबूती- इस उपलब्धि को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के उत्कृष्ट पुलिसिंग के विज़न से भी जोड़कर देखा जा रहा है। खजराना सर्किल ने अपने प्रदर्शन से दिखाया है पुलिसिंग में निगरानी, संवेदनशीलता और अनुशासन का संतुलन हो, तो उसका असर सीधे आमजन की सुरक्षा पर दिखाई देता है।

पुलिस विभाग में इस उपलब्धि को सिर्फ ‘पहला स्थान’ भर नहीं माना जा रहा, बल्कि संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि शहर में वही पुलिसिंग टिकेगी जो रिजल्ट दे, जवाबदेह हो और जनता के बीच भरोसा बनाए।

एसीपी कुंदन मंडलोई की यह उपलब्धि दूसरे सर्किलों के लिए भी एक वर्किंग मॉडल बनती नजर आ रही है।

खजराना बना ‘एक्टिव पुलिसिंग’ का चेहरा
खजराना क्षेत्र में जिस तरह से पुलिस की सक्रियता, सख्ती और जवाबदेही बढ़ी है, उसने पूरे विभाग का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सूत्रों की मानें तो कुंदन मंडलोई ने सर्किल में न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूती दी, बल्कि आमजन के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल भी तैयार किया। यही वजह रही कि कमिश्नर की उस सोच पर खजराना पूरी तरह खरा उतरा, जिसमें पुलिस सिर्फ वर्दी तक सीमित न रहे, बल्कि जनता के बीच भरोसे का चेहरा बने।

मूल्यांकन के महत्वपूर्ण बिंदु
अपराध नियंत्रण,कानून-व्यवस्था बनाए रखना

शिकायतों का त्वरित निराकरण, जनता से संवाद,

टीम मैनेजमेंट और फील्ड मॉनिटरिंग

शिकायतों का करें त्वरित निराकरण
बैठक में शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया गया। कमिश्नर संतोषकुमार सिंह ने सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए मोहल्ला समितियों के साथ नियमित बैठकों और महिला सुरक्षा, यातायात व साइबर अपराधों को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

इस मौके पर डायल-112 टीम ने थाना प्रभारियों को एफआरवी संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर एडीशनल कमिश्नर (कानून व्यवस्था) अमित सिंह, (अपराध/मुख्यालय) आरके सिंह सहित डीसीपी, एडीसीपी और थाना प्रभारी उपस्थित थे।

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