प्रदेश में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड: कैबिनेट ने दी कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ की स्वीकृति
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक में विकास और जन-कल्याण के लिए विभिन्न विभागों की 38 हजार 555 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया।
मुख्यमंत्री बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सदस्य होंगे। वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खनिज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनएचएआई और एफएसएसएआई जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुखों को सदस्य बनाया गया है।
अटलबिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान और आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सीआईआई, फिक्की, डिक्की, फिओ और लघु उद्योग भारती के राज्य प्रमुखों को पदेन सदस्य के रूप में जोड़ा गया है।
क्षेत्रीय प्राधिकरण डीजीएफटी को सदस्य एवं मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक को सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है।
आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' के गठन का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जो व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और सरकार के साथ सीधे संवाद का सशक्त माध्यम बनेगा।
यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। अन्य प्रमुख निर्णयों में 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए सर्वाधिक 32 हजार 405 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ को मंजूरी दी गई, इसमें आगामी 5 वर्षों में 2,442.04 करोड़ रुपए व्यय कर उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और 'मिशन वात्सल्य' के सुचारू संचालन के लिए 2,412 करोड़ रुपये तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1,295 करोड़ 52 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई।
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