ट्रैफिक सुधार के लिए बड़ा कदम: इंटरस्टेट-स्लिपर बसों पर सख्ती; ड्रोन से निगरानी, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या कम करने के लिए इंटरस्टेट और स्लिपर बसों के रूट में बदलाव किया है।
व्यवस्थाओं का जायजा लिया
नई व्यवस्था के तहत बसों की आवाजाही को रिंग रोड से डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जा रहा है। रविवार को डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी सहित पुलिस अधिकारियों ने स्टार स्क्वायर और रेडिसन स्क्वायर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
ड्रोन से निगरानी, माइक से चेतावनी
अधिकारियों ने ड्रोन कैमरे के जरिए पूरे इलाके का सर्विलांस किया। साथ ही ड्रोन माइक सिस्टम से बस चालकों और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
ये रहेंगे नए नियम
पिपलियाहाना से रेडिसन रोड पर स्लिपर और इंटरस्टेट बसों का आना-जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। स्टार स्क्वायर पर निर्धारित स्थान से ही सवारी चढ़ाने-उतारने की अनुमति होगी। व्हाइट चर्च की ओर से पिपल्याहाना होकर आने वाली स्लिपर/इंटरस्टेट बसों के लिए निर्धारित मार्ग इस प्रकार रहेगा, स्कीम नं. 140 → अग्रवाल स्कूल चौराहा → बिचौली अंडरब्रिज → बायपास → बेस्ट प्राइस → स्टार चौराहा और वापसी में स्टार चौराहा → बेस्ट प्राइस → बायपास मार्ग से आनाजाना रहेगा।
बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए फैसला
रिंग रोड पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है, ताकि शहर में यातायात सुचारू बना रहे और आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।
ट्रैफिक पुलिस ने बस संचालकों और चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित समाचार

पानी संकट के बीच महापौर सचिवालय धुलने का वीडियो वायरल:कांग्रेस ने साधा निशाना; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पड़ोसी की धमकियों से तंग आकर सिलाई कारीगर ने खाया जहर:17 दिन पहले की गई मारपीट के बाद से तनाव में थे

बेटी को दी पढ़ाई के लिए मदद विजय की टीबी का इलाज होगा:कलेक्टर की जनसुवाई; समस्या संवेदनशीलता से सुनी और हल की

इस्लाम ने फर्जी साझेदारी दस्तावेजों से हड़पी ‘प्रशांत सागर’ की जमीन:वाघेला की धनपिपासा के शिकारों को न्याय की दरकार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!