कैफे की आड़ में जुए का अड्डा: टेबल पर कॉफी, पिज्जा, बर्गर की जगह ताश-पत्ते
KHULASA FIRST
संवाददाता
शहर के बीचोबीच छात्र-छात्राएं खेल रहे पत्ते
घंटे के हिसाब से वसूली, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
कैश देकर मिल रही जुआ खेलने की चिप्स
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के पॉश इलाके पलासिया-तुकोगंज क्षेत्र में स्थित ट्रॉपिको कैफे पर जुआ संचालित होने का खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कम उम्र के छात्र-छात्राएं कैफे के अंदर टेबल पर बैठकर ताश के पत्तों से जुआ खेलते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कैफे संचालक काउंटर से नकद रुपए लेकर चिप्स उपलब्ध करा रहा है, जिससे पूरे दिन जुआ खेला जा रहा है। मामले के खुलासे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जंजीरवाला चौराहे से लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल के बीच दबंग ऑफिस के सामने स्थित कैफे में युवाओं की टोलियां अलग-अलग टेबल पर बैठकर चिप्स के जरिए जुआ खेलती दिखाई दे रही हैं।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टेबल पर ताश पत्तों के साथ चिप्स रखी हुई हैं और खिलाड़ी दांव लगा रहे हैं। कैफे संचालक पारस वाधवानी काउंटर से नकद रुपए लेकर जुआ खेलने के लिए चिप्स देता है, जिससे छात्रों को बिना किसी रोक-टोंक के खेलने की सुविधा मिल रही है।
सूत्रों के मुताबिक कैफे में घंटे के हिसाब से टेबल उपलब्ध कराई जा रही है और प्रत्येक टेबल से निर्धारित राशि वसूली जा रही है। संचालक युवाओं को भरोसा दिलाता है कि उन्हें किसी तरह की कार्रवाई का डर नहीं है। यही वजह है कि दिनभर कैफे में जुआ संचालित होने की बात सामने आ रही है।
वीडियो में छात्राओं की मौजूदगी ने भी लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि आमतौर पर कैफे पढ़ाई, मीटिंग या दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन यहां माहौल अलग ही नजर आ रहा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि दिनभर इस तरह गतिविधियां चल रही थीं तो स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद अब यह देखना होगा कि पुलिस कैफे संचालक और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।
शहर के बीचोबीच वो भी खुलेआम जुआ
खुलासा फर्स्ट के पाठक मयूर सोलंकी के मुताबिक शहर के बीचोबीच इस तरह खुलेआम जुआ संचालित होना गंभीर मामला है। बच्चे पढ़ाई का बहाना बनाकर घर से निकलते हैं, लेकिन ऐसे स्थानों पर समय और पैसा दोनों बर्बाद कर रहे हैं। कैफे में कॉफी, शेक, सैंडविच और पिज्जा का आनंद लेने के बजाय युवा जुए में पैसे लगा रहे हैं, जिससे गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है।
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