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केदारनाथ में पहले ही दिन एक श्रद्धालु की मौत: दो घंटे तक धूप में पड़ा रहा शव; व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, मदद को भटकता रहा परिवार

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 अप्रैल 2026, 4:46 pm
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खुलासा फर्स्ट, रुद्रप्रयाग।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ जहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

हार्ट अटैक से श्रद्धालु की मौत
कपाट खुलने के पहले ही दिन एक दुखद घटना सामने आई। वडोदरा निवासी श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए पहुंचे थे, जहां उन्हें अचानक हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई।

मृतक के बेटे ने लगाए गभीर आरोप
मृतक के बेटे हेमंत माली ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने मदद के लिए 100 नंबर पर कॉल किया था, लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं पहुंची।

दो घंटे तक खुले में धूप में पड़ा रहा शव
उनके अनुसार, करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बावजूद कोई मेडिकल या राहत टीम मौके पर नहीं आई। इस दौरान उनके पिता का शव करीब दो घंटे तक खुले में धूप में पड़ा रहा। मजबूरी में उन्होंने खुद ही पिता के शव को पिठू पर लादकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हेलीपैड पर भी इंतजाम नहीं
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। मृतक का शव कथित रूप से करीब दो घंटे तक हेलीपैड पर पड़ा रहा। परिवार ने हेलीकॉप्टर से शव को नीचे ले जाने की मांग की, लेकिन तत्काल कोई व्यवस्था नहीं की गई।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब वीआईपी मूवमेंट के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध रहते हैं, तो आम श्रद्धालुओं के लिए ऐसी सुविधा क्यों नहीं मिलती।

एम्बुलेंस के लिए मांगे पैसे
परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने एंबुलेंस की मदद मांगी, तो उन्हें एक नंबर दिया गया, लेकिन संचालक ने शव को दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए 16 हजार रुपए की मांग की।

व्यवस्था पर उठे सवाल
शोक में डूबे परिवार ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या श्रद्धालुओं के लिए मृत्यु के बाद सम्मानजनक व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इस घटना के बाद केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है और प्रशासनिक दावों की वास्तविकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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