दिल्ली से आए दल ने देखी शहर की साफ-सफाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देशभर में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इंदौर नगर निगम के स्वच्छता मॉडल को राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली से आए 14 सदस्यीय दल ने देखा। इस अवसर पर निगमायुक्त ने दिल्ली के दल का सिटी बस ऑफिस में पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। इस मौके पर निगम द्वारा किए गए नवाचारों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली एवं संपूर्ण स्वच्छता मॉडल को प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कराया।
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने दिल्ली के दल के सदस्यों को इंदौर की स्वच्छता यात्रा, जीरो वेस्ट सिटी के प्रयास, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन, सीएनडी वेस्ट प्रोसेसिंग, बायो सीएनजी उत्पादन तथा जनभागीदारी से किए गए नवाचारों की संपूर्ण जानकारी दी।
राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली से आए अधिकारियों ने राजशाही जीटीएस, ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थित बायो सीएनजी, सी एंड डी वेस्ट प्लांट और अन्य प्लांट का अवलोकन किया। इस दौरान अपर आयुक्त अर्थ जैन, प्रखर सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के बाद दिल्ली से आए 16 सदस्यीय दल ने इंदौर के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इंदौर ने वाकई में स्वच्छता के क्षेत्र में एक मजबूत मिसाल कायम की है। इंदौर का मॉडल बहुत ही प्रभावशाली है।
स्वच्छता अभियान की दी जानकारी...निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 16 सदस्यीय दल को इंदौर के स्वच्छता अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में इंदौर में जगह-जगह कचरा पेटियां हुआ करती थीं।
कचरा पेटी के आसपास कचरे के ढेर लगे रहते थे। इसके बाद स्वच्छता अभियान के तहत इंदौर को कचरा पेटी से मुक्त करते हुए, शहर के चिह्नित वार्ड में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहन चलाए, जिनकी जीपीएस सिस्टम के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है, सभी कचरा संग्रहण वाहन अपने निर्धारित रूट व समय पर अपने कार्य क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने शहर को ओडीएफ मुक्त कैसे किया, पहले गीला-सूखा कचरा संग्रहित किया जाता था अब हर दिन 6 बिन की तर्ज पर 6 प्रकार का कचरा संग्रहित किया जा रहा है। थैला बैंक, बर्तन बैंक, डिस्पोजल फ्री क्षेत्र, जीरो वेस्ट इवेंट, जीरो वेस्ट शादी, नाला सफाई अभियान, नाला क्रिकेट, नाला मेडिकल चेकअप, नाला फुटबॉल, नाला दंगल व अन्य गतिविधियेां के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
साथ ही डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहनो से संग्रहित कचरे को गारबेज कचरा ट्रांसर्फर स्टेशन तक किस प्रकार से पहुंचाया जा रहा है, इस सेग्रिगेट कचरे को किस प्रकार से ट्रेंचिंग ग्राउंड पर डिसेंट्रलाइज्ड मटेरियल रिकवरी प्लांट व ड्राय वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, कम्पोस्ट प्लांट में प्रोसेस किया जा रहा है। एशिया का सबसे बड़ा बायोगैस सीएनजी प्लांट है, जहां गीले कचरे से बायोगैस का निर्माण कर उसे लोक परिवहन में उपयोग किया जा रहा है।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!