तेजाजी नगर से बलवाड़ा के बीच काटे जाएंगे 4 हजार पेड़: इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे; विकास के नाम पर हरियाली का विनाश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर-इच्छापुर के बीच 19 मीटर चौड़े और 216 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे निर्माण के लिए इंदौर के तेजाजी नगर से बलवाड़ा के बीच 4000 पेड़ों की बलि लेने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ये पेड़ बाधक हैं, जिनके लिए एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने शासन से अनुमति मांगी है। पूर्व में भी इसी मार्ग पर हरे-भरे पेड़ काटे जा चुके हैं।
माना जा रहा है कि शासन की ओर से इसकी स्वीकृति इसी सप्ताह मिल जाएगी। हालांकि अभी ये तय नहीं है कि इन पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा या नहीं, लेकिन इनका हटना तय है। खास बात यह कि एनएचएआई ने इसी प्रोजेक्ट के लिए पेड़ काटने की अनुमति तीसरी बार मांगी है।
सबसे पहले साल 2022 में 14 हजार पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी। ये पेड़ 84 हेक्टेयर वन भूमि पर निर्माण के दौरान काटे गए थे। इसके बाद 2024 में उमरीखेड़ा की 0.3489 हेक्टेयर वन भूमि पर भी कुछ पेड़ काटने के लिए प्रस्ताव रीजनल एम्पॉवर्ड कमेटी (आरईसी) को दिया था।
फिर जुलाई 2025 में बिजली लाइन शिफ्टिंग के लिए स्वीकृति मिलते ही पेड़ काट दिए गए थे। अबकी बार इन पेड़ों को काटने की एक वजह और है। वह यह कि निर्माण एजेंसी मेघा इंजीनियरिंग के अधिकारियों को सड़क के अलाइनमेंट में बाधा बन रहे बिजली के 5 टॉवर 2 साल बाद दिखे।
इन्हें री-लोकेट करने के लिए 21 नए टॉवर बनाए जाना हैं, जिसके लिए 14 हेक्टेयर वन भूमि ली जा रही है। इसमें 8 हेक्टेयर इंदौर वन मंडल तो 6 हेक्टेयर खरगोन में है। आरईसी से स्वीकृति मिलने के बाद खरगोन व इंदौर कलेक्टर, वन मंडलाधिकारी और जनजातीय विभाग को एफआरए पर हस्ताक्षर करना थे। अभी इंदौर कलेक्टर के हस्ताक्षर होना बाकी हैं। अब निर्माण एजेंसी वन विभाग को 3 करोड़ का भुगतान करेगी। इसी जमीन पर पेड़ हैं।
कोशिश रहेगी कम से कम पेड़ कटें
मामले में एनएचएआई की ओर से नियुक्त निर्माण एजेंसी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव ने कहा अनुमानत: 4 हजार पेड़ कटेंगे, जो हाईटेंशन लाइन के राइट-ऑफ-वे में बाधक हैं, लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं कि कम से कम पेड़ काटने पड़ें। इसी इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर सनावद से खंडवा तक का मार्ग एकदम चकाचक हो गया है।
इस मार्ग पर यात्रियों को पहले 3.30 घंटे लगते थे, जबकि अब यह सफर मात्र 1.30 से 2 घंटे तक का रह गया है। इंदौर से वाया खंडवा दक्षिण भारत के हैदराबाद को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के बीच 58 किमी धनगांव-बोरगांव बुजुर्ग नेशनल हाईवे का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है।
831 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में बासवा, धनगांव, देशगांव, छैगांवमाखन, रुस्तमपुर एवं बोरगांव बुजुर्ग में बायपास बनाया गया है। हाईवे पर अधिकतम 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन चलेंगे।
हरियाली के लिए हाईवे के बीच बने 4 मीटर चौड़े डिवाइडर और दोनों किनारों पर 40 हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। जो लोग इंदौर से खंडवा की ओर जाते हैं, उन्हें सनावद के बाद एकदम बेहतरीन सड़क मिलती है।
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