बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए 130 नोटिस जारी: हर वर्ष निगम जारी करता है नोटिस; लेकिन अफसरों की मिलीभगत से पार्किंग शुरू होने से पहले ही थम जाता है अभियान
KHULASA FIRST
संवाददाता

आदित्य शुक्ला 98260-63956 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम के बिल्डिंग अफसर हर वर्ष बेसमेंट में पार्किंग बनाने और अन्य उपयोग बंद करने के लिए सैकड़ों नोटिस जारी करते हैं, लेकिन कुछ दिन की गहमागहमी के बाद वह नोटिस रद्दी की टोकरी में पहुंच जाते हैं। इस तरह निगम अफसरों की मिलीभगत से शहर की बहुमंजिला व कमर्शियल बिल्डिंगों में धड़ल्ले से पार्किंग की जगह अन्य उपयोग हो रहा है।
नगर निगम द्वारा बेसमेंट की जांच और नोटिस देने की यह प्रक्रिया हर साल दोहराई जाती है। निगम रिकॉर्ड के अनुसार, हर बार भवन अधिकारियों और भवन निरीक्षकों द्वारा जोन क्षेत्र में इमारतों की सघन जांच करते हैं और बेसमेंट में पार्किंग के लिए नोटिस भी बांटते हैं। पर जितने नोटिस बंटते हैं उतने में पार्किंग शुरू नहीं होती।
इससे लोग कहने लगे हैं कि निगम अफसर और बेसमेंट का उपयोग करने वालों के बीच मिलीभगत होने से नोटिस महज दिखावा साबित होते हैं। जबकि हकीकत में जिन बिल्डिंगों के बेसमेंट में पार्किग के लिए नोटिस जारी होते हैं उनके कर्ताधर्ता निगम के भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक से मिलीभगत कर मामले को रफादफा करा देते हैं।
यही वजह है कि निगम हर वर्ष बेसमेंट में पार्किंग बनाने के लिए नोटिस जारी करता है फिर भी बेसमेंट में धड़ल्ले से अस्पताल, क्लिनिक, दुकान व कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। निगम में जारी नोटिस के इस खेल से निगम के भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक की अच्छी खासी कमाई हो रही है। इस कारण वह भी नोटिस की समयसीमा निकलते ही बेसमेंट में पार्किंग बनाने का दबाव बनाना बंद कर देते हैं। इस तरह निगम में नोटिस का खेल बिल्डिंग अफसरों की कमाई का जरिया बन गया है।
मिलीभगत और कमाई... शहर में बेहतर यातायात और बेहतर पार्किंग व्यवस्था बनाने के लिए निगम व प्रशासन ने बेसमेंट में पार्किंग बनाने का अभियान शुरू किया था। इसके चलते पहले ही वर्ष निगम ने करीब 250 नोटिस जारी किए थे। इनमें से करीब 80 बेसमेंट में पार्किंग शुरू कराई गई थी, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त शिवम वर्मा के हटते ही निगम अफसरों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
इसके बाद फिर नए साल में नोटिस जारी हुए, लेकिन बेसमेंट में पार्किंग नहीं बनाई गई। इस तरह अब निगम अफसरों ने बेसमेंट में पार्किंग बनाने के नाम पर नोटिस का खेल शुरू कर दिया है। हर वर्ष पहले नोटिस जारी होते हैं।
बाद में मिलीभगत से भारी भरकम चढ़ावा लेकर उन नोटिस को दबा दिया जाता है। इस तरह भवन अधिकारी और भवन निरीक्षकों ने नोटिस को ही अपनी कमाई का जरिया बनाकर आला अफसरों के मंसूबों को विफल करना शुरू कर दिया है।
कार्रवाई करेंगे... निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने इस बार बेसमेंट में पार्किंग बनाने के मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक को निर्देश दिए है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों की इमारतों का सर्वे करें। इस सर्वे में बिल्डिंगों की जांच कर यह पता लगाए कि किन इमारतों ने भवन अनुज्ञा के समय पार्किंग के लिए जगह मंजूर करवाई थी, लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक निर्माण कर लिया।
निगम का कहना है कि इस बार लापरवाही बरतने वाले भवन स्वामियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इस तरह बार-बार नोटिस देने की बजाया निगमायुक्त ने इस बार कार्रवाई करने का मन बना लिया है। लेकिन भवन अधिकारी और भवन निरीक्षकों की कार्यप्रणाली से उनके मंसूबे पूरे होने में भी अंदेशा बन गया है।
नोटिस की जांच... नगर निगम के द्वारा हर वर्ष दिए जाने वाले नोटिस को लेकर लोग कह रहे हैं कि निगमायुक्त सबसे पहले जिन बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए उन नोटिसों की जांच कराएं। इसके बाद उन बिल्डिंगों के बेसमेंट की जांच कराए कि नोटिस के बाद उनमें पार्किंग व्यवस्था शुरू हुई या नहीं।
दिए नोटिस... नगर निगम ने इस वर्ष अब तक करीब 130 नोटिस जारी कर बेसमेंट में पार्किंग बनाने के निर्देश दिए हैं। निगम अफसरों का दावा है कि कई बेसमेंट में पार्किंग व्यवस्था बनाने की शुरुआत हो गई है। निगम के इस दावे पर लोगों का कहना है कि निगम के द्वारा जितने नोटिस जारी किए उतने बेसमेंट में पार्किग व्यवस्था शुरू नहीं होगी।
कुछ में दिखावे की पार्किंग शुरू होगी जो अभियान रुकते ही फिर अन्य उपयोग में बदल जाएगी। इस तरह निगम की बेसमेंट में पार्किंग शुरू कराने का अभियान महज बिल्डिंग अफसरों की कमाई का जरिया बनकर रह गया है।
संबंधित समाचार

कूटरचित दस्तावेजों से पास करा लिया प्लॉट का नक्शा:खुलासा फर्स्ट की खबर के बाद फर्जी रजिस्ट्री से लिया 20 लाख का लोन हुआ निरस्त

मृत व्यक्ति को ही बना दिया विक्रेता:जमीन घोटाले के बड़े खेल का खुलासा; रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

नजर नहीं आ रहे शहर में लगे कचरे के ढेर:स्वच्छता का नशा निगम पर हावी; सड़कों और खाली प्लॉटों पर गंदगी, नहीं पहुंच रहे कचरा वाहन

अब टैंकरों के पानी से बुझेगी राऊ, देपालपुर सांवेर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों की प्यास:सांसद लालवानी ने ग्राम पंचायतों के लिए रवाना किए 10 टैंकर

हंस की चाल बिगड़ी:रास्ते में घंटों परेशान हुए यात्री; तीन घंटे सड़क किनारे खड़ी रही बस

रामायण और महाभारत के दो महानायकों की इकलौती गवाह पावन धरती हनुमान चट्टी:वह पवित्र कोना जहां दो सगे भाइयों ने एक-दूसरे को लगाया था गले

विधायक पुत्र पर प्रोटेक्शन मनी और अवैध निर्माण के आरोप:क्षेत्र में सत्ता संरक्षण और अवैध गतिविधियों को लेकर उठ रहे सवाल

शेंडगे पर कार्रवाई से गरमाई भाजपा की राजनीति:पहले भी रहे विवादों में

अयोध्या बन रही लंका:चारों ओर अराजकता के आरोप; विधानसभा-4 पर शीर्ष नेतृत्व करे मंथन

डॉग फीडिंग विवाद ने खोली सत्ता की परतें

विज्ञापन के नाम पर लगाया करोड़ों का चूना:ईओडब्ल्यू की रडार पर नगर निगम; विज्ञापन विभाग की फाइलें तलब

लीलास्थलों पर बन रहे श्रीकृष्ण तीर्थ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव:भागवत कथा को बताया दिशादर्शक

एक और अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी कल से करेगा इंदौर

पुलिस निकालेगी संपत्तियोंं:लेन-देन का काला चिट्ठा; करोड़ों का जमीन घोटाला, गिरफ्तारी के बाद बढ़ेंगी सुरेश शर्मा की मुश्किलें

चंदन नगर पुलिस ने दबोचे दो वाहन चोर:चार बाइक बरामद; धार-झाबुआ तक फैला था गैंग का नेटवर्क

एक लाख से ज्यादा संविदाकर्मियों को बड़ी सौगात:वेतन में 4.46 प्रतिशत बढ़ोतरी; हर माह इतने रुपए तक बढ़ेगी सैलरी

पुलिस पीछे थी फिर भी गाड़ियां फोड़ते रहे:तीन कार समेत सात वाहनों को नुकसान; नाबालिग सहित चार नशेड़ी हिरासत में

वायरल वीडियो के बाद अस्पताल प्रबंधन की बड़ी कार्रवाई:सिक्योरिटी इंचार्ज और हेल्प डेस्क इंचार्ज की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त; डॉक्टर और नर्स का वेतन काटने के आदेश

शॉर्ट सर्किट से धधक उठी शराब दुकान नकदी सहित पूरा रिकॉर्ड हो गया खाक

पुष्पा स्टाइल में बाबा के दरबार पहुंचा युवक:कर्मचारियों ने कराई वीआईपी एंट्री; प्रतिबंध के बावजूद बनाता रहा वीडियो; मचा बवाल
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!