जय बद्रीनाथ धाम में डेढ़ महीने में 10 लाख भक्त पहुंचे: टूटे सभी रिकॉर्ड; प्रतिदिन 30 हजार दर्शनार्थी आ रहे
KHULASA FIRST
संवाददाता

आदि कैलाश यात्रा में भी श्रद्धा का बड़ा संगम दिखाई दिया
मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी ने दी जानकारी; 32 लाख यात्री चारधाम पहुंचे
खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
विश्वप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष चारधाम यात्रा ने नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। कपाट खुलने के मात्र डेढ़ महीने के भीतर लगभग 10 लाख श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।
आंकड़ों के अनुसार, बद्रीनाथ धाम में प्रतिदिन लगभग 25 से 30 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 23 अप्रैल को कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के बाद से ही लगातार बड़ी संख्या में यात्री धाम आ रहे हैं।
धाम में हजारों श्रद्धालुओं की निरंतर आमद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भीड़ प्रबंधन और सुचारु दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों से लेकर धाम क्षेत्र तक पुलिस बल और यात्रा प्रबंधन दल तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की इस बढ़ती संख्या से स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों में भी उत्साह है। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब तक 32 लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा चुके हैं। आदि कैलाश यात्रा में भी करीब 40 लाख यात्री पहुंचे हैं। हमारे यहां आस्था और श्रद्धा का एक बड़ा संगम दिखाई दे रहा है।
आने वाले समय में हमारी कावड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। हम इसकी भी तैयारी कर रहे हैं। हमारे यहां कुंभ मेला भी होने वाला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) में सख्त प्रावधान किए जाएं। रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक का सख्ती से पालन करें।
सचिवालय में कुछ दिन पूर्व चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए। कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन व सतत संवाद होना चाहिए।
बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद व सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को ही रात के समय चलने की अनुमति दी जाए।
दिन के समय बड़े वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम या पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया व प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए।
भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना पड़े।
दूसरा चरण चुनौतीपूर्ण
सीएम ने कहा- अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होगा। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एंबुलेंस, राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था की जाए।
आयुक्त व आईजी करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त व आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के साथ श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेंगे। यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों में मूल्य सूची को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
मार्गों पर स्वच्छता रखें
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम व पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। कहा, गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने व वर्षा, धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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