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धर्म नगरी में युवक ने ग्रहण की नई धार्मिक पहचान: सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में गहरी आस्था; परिवार खिलाफ

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 मई 2026, 5:26 pm
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धर्म नगरी में युवक ने ग्रहण की नई धार्मिक पहचान

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
धर्मनगरी उज्जैन में एक युवक ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाते हुए नई धार्मिक पहचान ग्रहण की है। गांधी नगर निवासी युवक, जो पहले सलमान खान के नाम से जाना जाता था, अब धार्मिक संस्कारों के बाद ‘शांतनु’ नाम से पहचाना जाएगा। धर्म प्रवेश की यह प्रक्रिया रविवार को शिप्रा तट स्थित मौनतीर्थ आश्रम में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई।

कलेक्टर को दिया था आवेदन
जानकारी के अनुसार युवक ने सनातन धर्म अपनाने की इच्छा व्यक्त करते हुए पहले जिला दंडाधिकारी को आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में उसने स्पष्ट किया था कि वह बिना किसी दबाव, प्रलोभन या जबरदस्ती के अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर रहा है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया, जिसमें युवक को सनातन परंपरा के अनुसार नया नाम और गोत्र प्रदान किया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई धर्म प्रवेश प्रक्रिया
मौनतीर्थ आश्रम में डॉ. सुमनानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में धर्म प्रवेश की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस दौरान शिप्रा नदी में दशविधि स्नान, प्रायश्चित कर्म, पंचगव्य सेवन तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न धार्मिक संस्कार कराए गए। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद युवक का नाम शांतनु रखा गया और उसे कश्यप गोत्र प्रदान किया गया।

बचपन से थी सनातन परंपराओं में आस्था
शांतनु ने बताया कि बचपन से ही उसकी सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में गहरी आस्था रही है। वह नियमित रूप से मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में शामिल होता रहा है तथा लंबे समय से सनातन धर्म अपनाने की इच्छा रखता था। उसने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह उसका व्यक्तिगत और स्वैच्छिक निर्णय है।

मित्र और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया सहयोग
शांतनु के अनुसार उसने सबसे पहले अपनी इच्छा अपने मित्र पीयूष रघुवंशी के साथ साझा की थी। इसके बाद कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से धर्म प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में स्थानीय श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

परिवार ने नहीं दिया समर्थन
युवक ने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता और भाई-बहन हैं, लेकिन उसके इस निर्णय को परिवार का समर्थन नहीं मिला। इसके बावजूद उसने अपनी इच्छा के अनुसार धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया। शांतनु ने कहा कि वह पेशे से कारीगर है और अपने हुनर तथा मेहनत के बल पर सम्मानजनक जीवनयापन करने में सक्षम है।

विभिन्न स्तरों पर चर्चा का विषय बना मामला
धर्म परिवर्तन की इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि उज्जैन स्थित मौनतीर्थ आश्रम पूर्व में भी धार्मिक दीक्षा, संस्कार और धर्म प्रवेश कार्यक्रमों के कारण चर्चा में रहा है। फिलहाल युवक ने स्वयं को सनातन धर्म का अनुयायी बताते हुए अपने नए जीवन की शुरुआत करने की बात कही है।

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