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ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए महिला से ठगी: न्यूड फोटो वायरल कर वसूले लाखों रुपए

KHULASA FIRST

संवाददाता

30 मई 2026, 2:48 pm
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ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए महिला से ठगी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
ऑनलाइन लोन ऐप्स के जरिए ब्लैकमेलिंग और साइबर फ्रॉड का एक मामला सामने आया है। इंदौर क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस ने बाणगंगा क्षेत्र की रहने वाली एक पीड़ित महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। 40 हजार रुपये के लोन के जाल में फंसाकर जालसाजों ने महिला से साढ़े चार लाख रुपये ऐंठ लिए और उसकी गरिमा को भी ठेस पहुंचाई।

ऐसे शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
बाणगंगा की रहने वाली पीड़िता हर्षिता (परिवर्तित नाम) ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर 2025 में उसे कुछ पारिवारिक वजहों से पैसों की सख्त जरूरत थी। गूगल प्ले स्टोर पर सर्च करने के दौरान उसे 'क्रेडिट लीफ' नामक एक इंस्टेंट लोन एप्लीकेशन मिली। हर्षिता ने ऐप डाउनलोड कर 7 दिनों की अवधि के लिए 40,000 रुपये का लोन ले लिया।

अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने लगीं धमकियां
हैरानी की बात यह है कि लोन चुकाने की अंतिम तारीख आने से पहले ही पीड़िता के व्हाट्सएप (WhatsApp) पर धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए। ये कॉल्स विदेशी और अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आ रहे थे।

कॉल करने वाले अपराधियों ने लोन की मूल रकम से कहीं ज्यादा 80 हजार रुपये की तुरंत मांग की।जब महिला ने असमर्थता जताई, तो उन्होंने मोबाइल गैलरी का डेटा लीक करने की धमकी दी।

फोटो एडिट कर रिश्तेदारों को भेजे
लोकलाज और बदनामी के डर से पीड़िता ने शुरू में पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन अपराधियों का लालच बढ़ता गया। हैवानियत की हद पार करते हुए आरोपियों ने महिला के फोटो को एडिट कर न्यूड (अश्लील) बना दिया। इन तस्वीरों को पीड़िता के फोन कॉन्टैक्ट्स में मौजूद रिश्तेदारों और परिचितों को व्हाट्सएप पर भेज दिया गया।

ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाकर पिछले 6 महीनों में महिला से 4,500,000 रुपये (4.50 लाख) वसूल लिए गए। आरोपी बिना मांगे भी महिला के खाते में 5-10 हजार रुपये डाल देते थे, ताकि बाद में भारी-भरकम ब्याज और पेनल्टी वसूली जा सके।

बैंक अकाउंट खाली होने पर हुआ खुलासा
जब महिला का बैंक खाता पूरी तरह खाली हो गया और वह मानसिक रूप से टूट गई, तब परिवार वालों को शक हुआ। परिजनों द्वारा कड़ाई से पूछने पर हर्षिता ने 'क्रेडिट लीफ ऐप' की पूरी खौफनाक कहानी बयां की।

इसके बाद परिवार तुरंत इंदौर साइबर सेल पहुंचा। पुलिस ने विभिन्न यूपीआई आईडी (UPI IDs) और बैंक खातों की डिटेल निकालकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और तकनीकी जांच के आधार पर जालसाजों की तलाश शुरू कर दी है।

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