सूर्योदय के साथ भोजशाला में गूंजे मां वाग्देवी के जयकारे: गर्भगृह में हुई विशेष पूजा-अर्चना; केंद्रीय राज्य मंत्री ने किए दर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, धार।
ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में आज सूर्योदय की पहली किरण के साथ धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। मां वाग्देवी की विशेष पूजा-अर्चना और वास्तु पूजन के साथ पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया।
भोजशाला परिसर में स्थापित किया गया
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा सिर पर मां वाग्देवी की तस्वीर लेकर पहुंचे, जबकि अखंड ज्योत को विधि-विधान के साथ भोजशाला परिसर में स्थापित किया गया।
परिसर को उत्सव स्थल में बदल दिया
कार्यक्रम के दौरान सात दंपतियों ने नवग्रह पूजन किया और यज्ञ कुंड को फूलों से सजाकर पूरे परिसर को उत्सव स्थल में बदल दिया गया। श्रद्धालुओं ने इसे बसंत पंचमी जैसा आध्यात्मिक आयोजन बताया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने किए मां वाग्देवी के दर्शन
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी भोजशाला पहुंचीं और मां वाग्देवी के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इस दिशा में काम करेगी। साथ ही उन्होंने भोजशाला क्षेत्र को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने की बात भी कही।
पूजा की प्रक्रिया संपन्न कराई गई
वास्तु पूजा कार्यक्रम के दौरान धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहनकर पहुंचे और पूजा में शामिल हुए। कलेक्टर ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उसी के निर्देशों के अनुसार पूजा की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
भोजशाला संरक्षित पुरातात्विक स्थल है
वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों और पुरातत्व विभाग के नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया गया है, क्योंकि भोजशाला संरक्षित पुरातात्विक स्थल है।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!