क्या पुलिस करेगी शराब ठेकेदार रमेशचंद्र राय के नाम खुलासा: एक बिल्टी; दो ट्रक और गुजरात रूट का मामला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ाई लाखों की बियर से भरे दो ट्रकों की धरपकड़ ने शहर में चल रहे शराब तस्करी के खेल के बड़े चेहरों का खुलासा कर दिया है। ऐसे ही एक नाम का लसूड़िया पुलिस जल्द खुलासा करने वाली है । एक ही बिल्टी पर दो ट्रक रवाना होने का खुलासा होते ही लसूड़िया पुलिस ने इसे साधारण गड़बड़ी नहीं, बल्कि संगठित सिंडिकेट का हिस्सा मानकर जांच तेज कर दी है।
अब इस पूरे मामले में शराब ठेकेदार रमेशचंद्र राय की भूमिका सामने आ गई है, जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि वह इस सिंडिकेट के खेल के मास्टर माइंड शराब ठेकेदार को आरोपी बनाएगी या अन्य मामलों की तरह बख्श देगी।
जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों लसूड़िया पुलिस ने बायपास पर पकड़े ट्रक क्रमांक एमपी 09 जीजी 7215 और एमपी09 एचजी 7050 से करीब 2800 पेटी बियर जब्त की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों ट्रकों के ड्राइवरों ने एक ही बिल्टी पेश की। यह सुनते ही पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
पूछताछ में ड्राइवर शेख असगर और काशीराम डाबर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मक्सी स्थित डिस्टिलरी से 1400 पेटी बीयर की बिल्टी तैयार हुई थी, लेकिन कथित तौर पर उसी दस्तावेज का इस्तेमाल कर दूसरे ट्रक को भी आगे बढ़ा दिया गया। रास्ते में ट्रक खराब होने की कहानी गढ़कर माल की अदला-बदली का खेल रचा गया।
योजना यह थी कि एक ट्रक वैध रूप से वेयरहाउस पहुंचे, जबकि दूसरा ट्रक ठेकेदार के नेटवर्क के जरिए गुजरात रूट पर आगे बढ़ा दिया जाए। वही ड्राइवरों को कोर्ट से पांच दिन के रिमांड पर लेकर पुलिस अब बिल्टी एंट्री, वेयरहाउस रजिस्टर, डिस्टिलरी रिकॉर्ड और चेकपोस्ट मूवमेंट का मिलान कर रही है।
आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं। संदिग्ध एंट्रियों और दस्तावेजी हेरफेर की जांच के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। शराब ठेकेदार रमेशचंद्र राय का नाम सामने आया है जिस पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। गुजरात कनेक्शन को लेकर भी अलग से जांच चल रही है, क्योंकि प्रारंभिक जानकारी में माल को राज्य सीमा पार भेजने की आशंका जताई गई है।
लंबे समय से चल रहे संगठित खेल
अधिकारियों का कहना है कि यदि एक ही बिल्टी पर दो ट्रक निकल सकते हैं, तो यह लंबे समय से चल रहे संगठित खेल का संकेत है। अब सवाल यह है कि क्या यह पहली बार हुआ या पहले भी इसी तरह सरकारी राजस्व को चूना लगाया जाता रहा? सूत्रों के मुताबिक फिलहाल रिमांड के दौरान मिले बयानों और तकनीकी जांच के आधार पर खुलासा हो गया है कि उक्त माल रमेशचंद्र राय ही बड़े पैमाने पर गुजरात पहुंचा रहा था। जल्द ही बड़े खुलासे संभव हैं।
पुलिस संकेत दे चुकी है कि दोषी कोई भी हो उसके खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। शहर में चर्चा है कि यह मामला सिर्फ दो ट्रकों तक सीमित नहीं, बल्कि शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क की परतें खोल सकता है। जो कि शराब ठेकेदार रमेशचंद्र राय चला रहा है और शासन को राजस्व का बड़ा चूना भी लगा रहा है।
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