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भीषण गर्मी और धूप में बैठने को क्यों मजबूर हुए बच्चे: माता-पिता भी रहे साथ; कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, किस स्कूल पर क्या आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 मई 2026, 4:19 pm
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भीषण गर्मी और धूप में बैठने को क्यों मजबूर हुए बच्चे

खुलासा फर्स्ट, मंदसौर।
आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलने से नाराज मासूम बच्चों और उनके पालकों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। करीब 40 डिग्री तापमान में बच्चे अपने माता-पिता और जिला पंचायत सदस्य के साथ छाता लेकर धरने पर बैठे रहे। मामला सेंट थॉमस स्कूल में नर्सरी प्रवेश से जुड़ा है।

प्रदर्शन कर रहे पालकों का आरोप है कि सत्र 2026-27 के लिए आरटीई योजना के तहत ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में उनके बच्चों का चयन हुआ था। पालकों के मोबाइल पर 15 अप्रैल 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का मैसेज भी आया था, लेकिन स्कूल पहुंचने पर प्रबंधन ने प्रवेश देने से इनकार कर दिया। बाद में पालकों को आवंटन निरस्त होने का संदेश भी भेज दिया गया।

पालकों ने बताया कि वे इस मामले को लेकर कई बार कलेक्टर कार्यालय, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा स्थानीय विधायक, सांसद सुधीर गुप्ता और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिल पाया।

मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे बच्चे और पालक कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और आश्वासन देने का प्रयास किया, लेकिन पालक अपनी मांग पर अड़े रहे।

करीब डेढ़ घंटे बाद कलेक्टर ने जिला पंचायत सदस्य और कुछ पालकों को चर्चा के लिए अपने चेंबर में बुलाया। लगभग आधे घंटे चली बैठक के बाद जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने बताया कि कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अब आरटीई प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन माध्यम से पूरी कराई जाएगी।

दीपक सिंह गुर्जर के अनुसार कलेक्टर ने संबंधित स्कूलों की सूची भी देखी है और करीब 10 दिन के भीतर समाधान का भरोसा दिया है। पालकों को आश्वस्त किया गया कि आरटीई योजना के तहत पात्र बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके बाद दोपहर करीब पौने दो बजे धरना समाप्त कर दिया गया।

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