खबर
Top News

एमवायएच के ओटी में मनमानी अपशब्दों का ऑपरेशन क्यों नहीं: जिस नर्सिंग ऑफिसर इताली मालाकार पर कार्रवाई की मांग; संगठन दे रहा उसी का साथ

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मार्च 2026, 1:36 pm
164 views
शेयर करें:
एमवायएच के ओटी में मनमानी अपशब्दों का ऑपरेशन क्यों नहीं

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एमवाय अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ऑपरेशन थियेटर कुछ दिनों से मनमानी और अपशब्दों का अखाड़ा बना हुआ है। यहां की नर्सिंग ऑफिसर इताली मालाकार न केवल साथी कर्मचारियों, बल्कि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के खिलाफ भी विषवमन कर रही हैं, बल्कि पूरा माहौल तनावपूर्ण बना रखा है।

मूल रूप से बंगाल की रहने वाली इताली मालाकार करीब 15 वर्षों से एमवाय अस्पताल की सेवा में हैं। वे पूर्व में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में थीं, वहां भी अपनी हरकतों के कारण कुख्यात थीं। बाद में एमवाय अस्पताल की ओटी में आ गईं तो यहां भी आए दिन कोई न कोई विवाद करती रहती हैं।

11 फरवरी को उन्होंने ओटी में साथियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया, जिससे माहौल गर्मा गया था। यहां सेवाएं दे रहे करीब 20 कर्मचारियों ने डीन और अधीक्षक को शिकायत की थी। हालांकि इताली पर एसोसिएशन का हाथ होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

अब इताली ने वाट्सएप पर न केवल साथियों, बल्कि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को लेकर भी अनुचित टिप्पणियां की। 11 फरवरी को उन्होंने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि पता नहीं क्यों इतना गुस्सा हो गई। जो माफ करना चाहें वे कर दें, जिन्हें नहीं करना है, वे न करें।

किसी से कोई जबरदस्ती नहीं है। दूसरे संदेश में वह कह रही हैं कि हम सब मिलकर नाइट अलाउंस के लिए लड़ाई लड़ें। यहां डॉक्टर को मिल रहा है, लेकिन सीनियर कंसल्टेंट की भी ड्यूटी रहती है और वो रेगुलर नहीं आता, फिर भी नाइट अलाउंस मिलता है। ये बात हमें ऊपर तक पहुंचानी है।

यहां हममें से कोई नाइट में काम नहीं करना चाहता, लेकिन यदि अलाउंस मिले तो मुझे भी कोई दिक्कत नहीं होगी। रही बात 2 ग्रेड की तो अपने यहां डॉक्टर ही 2 ग्रेड में हो तो नर्सों को कैसे मिलेगा? कई डॉक्टर प्राइवेेट में भी काम करते हैं, उन्हें पैसे से मतलब है। लेकिन हम सारी लड़कियां प्राइवेट में काम नहीं करतीं, क्योंकि हमारी फैमिली है। ब्रदर लोग जरूरत के लिहाज से करते होंगे, लेकिन कोई गलत नहीं है, क्योंकि एमवाय अस्पताल की सैलरी से उनकी पूर्ति नहीं होती।

अधीक्षक बोले- डीन लेंगे निर्णय
उल्लेखनीय है कि इताली मालाकार पूर्व में एक साथी अधिकारी के साथ विवाद को लेकर खासी चर्चा में रह चुकी हैं। मामले में एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र पाठक ने भी उनका ही पक्ष लिया और कहा कि वे जो कर रही हैं, सही है। मामले में अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने कहा मैंने अपनी ओर से सारी जानकारियां डीन डॉ. घनघोरिया को भेज दी हैं। अब निर्णय उन्हें लेना है।

महिलाकर्मियों को भड़काने वाला संदेश
एक संदेश में इताली महिला कर्मचारियों से कह रही हैं कि एमवाय अस्पताल में अभी तक एक भी ब्रदर क्यों सस्पेंड नहीं हुआ? सिंपल-सा सवाल है, सभी समझ गए होंगे। हममें से कोई सस्पेंड होता है, तो हम किसी से मदद मांगने जाते भी नहीं हैं। रमेश जाट, राहुल जादौन या फिर धर्मेंद्र पाठक किसी से नहीं।

ये सभी नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी हैं। इताली ने यह भी लिखा कि क्या हम लोगों में कोई क्वालिटी नहीं है? डीन से बात नहीं कर सकते हैं क्या? हम लड़कियों में दम होना चाहिए। एमवाय अस्पताल के कुख्यात चूहाकांड का उल्लेख करते हुए वह लिखती हैं कि इसमें मारग्रेट मैडम को हटा दिया, डॉ. अशोक यादव को नहीं।

अन्य पर भी कार्रवाई कर दी। उन्होंने और भी कई ऐसी बातें लिखी हैं जो पब्लिश नहीं की जा सकतीं। उनकी भाषाशैली से लगता है कि वे महिला कर्मचारियों को लामबंद कर उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रही हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!