इतने लाख कर्मचारियों को क्यों करना पड़ेगा इंतजार: इतने प्रतिशत महंगाई भत्ता कब तक देने की योजना थी; जानिये क्यों बन रहे ऐसे हालात
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को 64 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) मिलने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। वित्त विभाग की पहले घोषित योजना के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में 7वें वेतनमान पर महंगाई भत्ता 64 प्रतिशत तक पहुंचना था, लेकिन फिलहाल यह संभव नहीं दिख रहा है।
महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी
हाल ही में राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे यह 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हुआ है। यह बढ़ा हुआ भत्ता कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन के साथ मई में मिलने की संभावना है।
लगभग साढ़े चार लाख पेंशनर
प्रदेश में करीब साढ़े सात लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारी और लगभग साढ़े चार लाख पेंशनर हैं, जिन्हें महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दी जाती है। ऐसे में करीब 12 लाख लोगों को 64 प्रतिशत महंगाई भत्ता पाने के लिए अब 4 से 6 महीने तक और इंतजार करना पड़ सकता है।
केंद्र के फैसले के बाद भी मिल रहा देर से लाभ
राज्य सरकार आमतौर पर केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के कई महीने बाद इसे लागू करती है। हालिया वृद्धि भी केंद्र के फैसले के करीब 8 महीने बाद लागू की गई है।
महंगाई भत्ते में एक और बढ़ोतरी संभव
इस बीच केंद्र सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते में एक और बढ़ोतरी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को उस बढ़ोतरी का लाभ भी कुछ समय बाद ही मिलने की संभावना है।
वित्त विभाग का यह था प्लान
वित्त विभाग ने पहले जो योजना बनाई थी, उसके अनुसार 7वें वेतनमान के कर्मचारियों को: 31 मार्च 2026 तक 64% महंगाई भत्ता, 31 मार्च 2027 तक 74%, 31 मार्च 2028 तक 84% और 31 मार्च 2029 तक 94% महंगाई भत्ता देने का लक्ष्य रखा गया था। यह योजना इसलिए भी अहम मानी जा रही थी क्योंकि वित्त वर्ष 2028-29 के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मौजूदा स्थिति योजना से पीछे
करीब छह महीने पहले सरकार ने संकेत दिए थे कि 2026-27 के बजट से पहले महंगाई भत्ता 64 प्रतिशत तक पहुंचा दिया जाएगा। हालांकि अब तक इसे बढ़ाकर सिर्फ 58 प्रतिशत ही किया जा सका है। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद थी कि 2025 की दिवाली और फिर 2026 की शुरुआत में दो-तीन किस्तों में भत्ता बढ़ाकर मार्च तक 64 प्रतिशत कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
5वें और 6वें वेतनमान वालों के लिए अलग योजना
वित्त विभाग की योजना के अनुसार 6वें और 5वें वेतनमान के कर्मचारियों को हर साल करीब 10 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाकर देने का प्रावधान किया गया है। छठवें वेतनमान के कर्मचारियों को फिलहाल 252 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था, जिसे हालिया घोषणा के बाद 255 प्रतिशत किया जाएगा। आगे इसे 2026-27 में 265%, 2027-28 में 280%, 2028-29 में 295% तक ले जाने की योजना है। इसी तरह पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों को अभी 315 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, जिसे आने वाले वर्षों में क्रमशः 325%, 335% और 345% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
कर्मचारी संगठनों ने जताई नाराजगी
मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि 2025-26 में 64 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की बात कही गई थी, लेकिन अभी यह 58 प्रतिशत तक ही पहुंचा है। उनका कहना है कि सरकार के घोषित प्लान के मुकाबले कर्मचारी अभी भी करीब 6 प्रतिशत पीछे हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि जब भी केंद्र सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाए, राज्य सरकार भी उसी समय कर्मचारियों को इसका लाभ दे।
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