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जिलाबदर हिंदूवादी की अर्द्धांगिनी क्यों पहुंची कलेक्टर कार्यालय: किस पुलिस अधिकारी के नार्को टेस्ट की हुई मांग; पति के बारे में क्या कहा

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 फ़रवरी 2026, 6:09 pm
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जिलाबदर हिंदूवादी की अर्द्धांगिनी क्यों पहुंची कलेक्टर कार्यालय

खुलासा फर्स्ट, खंडवा।
खंडवा में जिलाबदर की सजा भुगत रहे हिंदूवादी नेता अमित जैन की पत्नी उर्मिला जैन मंगलवार को अपने छोटे बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर से न्याय की मांग की। उन्होंने अपने पति को निर्दोष बताया और मोघट थाना प्रभारी (टीआई) पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया। उर्मिला ने टीआई के नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की।

हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं
अमित जैन ने हाल ही में जिलाबदर की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब वे कलेक्टर के आदेशानुसार जिले की सीमा से बाहर ही रहेंगे।

परिवार का संकट और समर्थन न मिलना
उर्मिला जैन ने बताया कि पति के जिलाबदर होने के बाद परिवार की मदद के लिए कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि उनके पति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अन्य हिंदूवादी संगठनों से जुड़े हैं और महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल के साथ काम करते थे। पालीवाल से भी मदद की मांग की गई थी, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।

टीआई का नार्को टेस्ट हो: बार-बार टारगेट किया जा रहा
कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में उर्मिला ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि 17 अगस्त 2025 के मोघट रोड थाने के सीसीटीवी फुटेज जांचे जाएं और टीआई धीरेश कुमार धारवाल का नार्को टेस्ट करवाया जाए, ताकि असलियत सामने आए। उनका आरोप है कि उनके पति को बार-बार जानबूझकर टारगेट किया जाता है और झूठे आरोप लगाकर जिला बदर कर दिया जाता है।

बच्चों के भरण-पोषण का संकट
उर्मिला जैन ने कलेक्टर को बताया कि उनके दो छोटे बच्चों की देखभाल करना मुश्किल हो गया है। पति के जिलाबदर होने के कारण वे घर में बच्चों को अकेला छोड़कर काम पर नहीं जा सकतीं। इसके चलते परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है और बच्चों के सामने भूखे रहने की नौबत आ रही है।

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