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बंगाल का अधिकारी कौन: पश्चिम बंगाल में भाजपा का राज; किसके सिर पर होगा ताज

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 मई 2026, 12:43 pm
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बंगाल का अधिकारी कौन

बड़ी बे-आबरू हो ममता रुखसत हुईं, राज्यपाल ने बर्खास्त किया ममता मंत्रिमंडल, विधानसभा भंग

बंगाल का नया मुख्यमंत्री कौन? आज शाम 6 बजे तक हो जाएगा ये फैसला, सस्पेंस गहराया

पहली बार बतौर पर्यवेक्षक पार्टी का पहला मुख्यमंत्री तय करने कुछ देर बाद अमित शाह पहुंच रहे बंगाल

बंगाल रवाना होने से पहले देर रात मोदी-शाह की हुई लंबी मुलाकात, शुभेंदु अधिकारी रेस में सबसे आगे

शुभेंदु के अलावा सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष, रूपा गांगुली, अग्नि मित्रा का भी सीएम के लिए नाम

दोपहर 3.30 बजे शाह की अगुआई में बिस्वा बंगाल कन्वेंशन सेंटर में विधायक दल की बैठक में होगा नेता का चयन

आज सीएम का चयन, गुरुदेव टैगोर की जयंती पर कल शपथ ग्रहण, राज्य में पहली बार सरकार बनाने को लेकर भाजपा में जबरदस्त उत्साह

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पश्चिम बंगाल की सियासत का असल राज्य ‘अधिकारी’ कौन होगा? इसका फैसला आज, यानी 8 मई शाम तक हो जाएगा। आज ही ये भी तय हो जाएगा कि पहली बार बंगाल में स्थापित हो रहे भाजपा राज का ताज किसके सिर पर सजेगा?

राज का ताज और सूबे का अधिकार तय करने स्वयं अमित शाह थोड़ी देर में पश्चिम बंगाल पहुंच रहे हैं। उनकी सदारत में ही बंगाल के विधायक तय करेंगे कि उनका नेता कौन होगा? बंगाल आने से पहले शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देर रात लंबी बात की।

दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत ये साफ हो रहा है कि बंगाल के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री का नाम ‘दिल्ली दरबार’ में ही तय हो गया है। आज शाम बस उस नाम का औपचारिक एेलान होना है।

बंगाल का ‘अधिकार’ पाने की रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी हैं। लगभग ये ही माना जा रहा है कि ‘दादा’ पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार का नेतृत्व करेंगे। उनके पक्ष में एक नहीं अनेक समीकरण काम कर रहे हैं।

उनमें सबसे अहम है उनका सरकार में रहकर राजनीतिक अनुभव और हिंदुत्व को लेकर उनका ‘हार्डलाइनर’ मिजाज। वे जिस तरह से हिंदू वोटों को गोलबंद करने में कामयाब हुए हैं, उसी के दम पर भाजपा को प्रचंड जीत का हकदार माना जा रहा है।

अधिकारी के निजी सचिव की निर्मम हत्या से भी अधिकारी के पक्ष में एक मौन सहानुभूति बंगाल में महसूस की जा रही है। अधिकारी के अलावा सामिक भट्टाचार्य व दिलीप घोष के नाम भी दौड़ में शामिल हैं।

अधिकारी की तुलना में ये दोनों नेता भाजपा के मूल से जुड़े हुए हैं, जबकि अधिकारी की भाजपा में इंट्री तृणमूल कांग्रेस से हुई है। भट्टाचार्य आरएसएस से जुड़े हैं और स्टूडेंट राजनीति के दौर से भाजपा के साथ हैं। उन्हें कुशल संगठक भी माना जाता है, लेकिन वे हिंदुत्व को लेकर ‘सॉफ्ट’ रवैये वाले माने जाते हैं।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राज्यों में मुख्यमंत्री चयन को लेकर अपनाई जा रही रणनीति के चलते बंगाल में भी यह अंदेशा गहराया है कि मोदी-शाह की जोड़ी ‘भद्रलोक’ में भी ऐसा कुछ कर सकती है।

हालांकि राज्य का राजनीतिक मिजाज ऐसा होने का संकेत नहीं दे रहा है कि दिल्ली दरबार बंगाल को भी अन्य राज्य की तरह समझे। अधिकारी के अलावा राज्य में महिला मुख्यमंत्री बनाने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

कारण है 15 साल से राज्य में महिला मुख्यमंत्री का होना और चुनाव में भाजपा को महिला वोटर्स का जबरदस्त समर्थन मिलना। लिहाजा अग्नि मित्रा पाल व राज्यसभा सांसद रहीं रूपा गांगुली के नाम इसके लिए लिए जा रहे हैं।

लेकिन भाजपा के सूत्र फिलहाल तो बंगाल के महिला मुख्यमंत्री की संभावना को नगण्य बता रहे हैं। कारण है राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात। चुनाव बाद जिस तरह से बंगाल में हिंसा का दौर शुरू हुआ है और जो अब हत्या तक पहुंच गया, वह सूबे में सख्त मुखिया की जरूरत की तरफ इशारा कर रहा है।

‘बड़े बे-आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले...’ कुछ इस तरह हार के बाद भी सत्ता की ललक बरकरार रखने वाली ममता बनर्जी बंगाल की राजनीति से रुखसत कर दी गईं।

राज्यपाल ने ममता मंत्रिमंडल को बर्खास्त और विधानसभा भंग कर नई सरकार के चुनने का रास्ता साफ कर दिया। राज्य में एक तरफ नई सरकार के लिए राजनीति चरम पर है तो दूसरी तरफ राजनीतिक हिंसा भी थम नहीं रही।

हिंसा का नया दौर अब तोड़फोड़ से आगे बढ़कर बम-बंदूक व आमने-सामने की झड़प के रूप में शुरू हुआ है। हिंसा के इस माहौल में देश के गृहमंत्री आज दोपहर एक बार फिर पश्चिम बंगाल पहुंच रहे हैं।

वे राज्य के नए राज का ताज तो तय करेंगे ही, साथ ही सूबे के मौजूदा हालातों की भी समीक्षा करेंगे। बंगाल आने से पहले शाह और प्रधानमंत्री मोदी के बीच लंबी मंत्रणा भी हुई।

उधर, ममता से मिलने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी बंगाल पहुंचे और उन्होंने चुनाव चोरी वाले बनर्जी के सुर में सुर मिलाया। इस सबके बीच बंगाल में कल होने वाले शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

कल 9 मई को बंगाल अस्मिता के प्रतीक गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है और कल ही राज्य में भाजपा का राज शुरू होगा।

थम नहीं रहा हिंसा का दौर, हावड़ा में बरसे बम
एक तरफ बंगाल में सरकार गठन की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य में चुनाव बाद हिंसा का जो दौर शुरू हुआ था, वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा।

मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रकमल रथ की हत्या के बाद राज्य में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है और राज्य के कई हिस्सों से टीएमसी व भाजपा के बीच आमने-सामने की लड़ाई छिड़ी हुई है।

ताजा मामला हावड़ा का सामने आ रहा है। यहां आमने-सामने हुए दो पक्षों के बीच बम बरसाए गए। गोलियां भी चलीं। इस घटना में भाजपा के दर्जनभर से ज्यादा समर्थकों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।

हमलवार भीड़ पर धार्मिक नारों के साथ बम बरसाने के आरोप के साथ भाजपाइयों ने थाने का घेराव भी किया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में टीएमसी के दफ्तरों पर हमलों व तोड़फोड़ की घटनाएं भी रुक नहीं रहीं।

हिंसा की घटनाओं को लेकर टीएमसी व भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। अधिकारी के निजी सचिव के हत्यारे अब तक फरार हैं और उनके पड़ोसी बांग्लादेश जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।

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