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किस टेस्ट से हुआ खुलासा: इस शहर के गुंडे की हुई थी हत्या; इतने दोस्तों के साथ किस तीर्थनगरी में नदी में ऐसे मिला था शव

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 मार्च 2026, 4:34 pm
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किस टेस्ट से हुआ खुलासा

खुलासा फर्स्ट, खंडवा।
30 जनवरी को ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे इंदौर निवासी मनीष भट्ट का शव मिला था। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारण पर संशय बना रहा, जिसके चलते पुलिस ने डायटम टेस्ट कराया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मनीष की मौत डूबने से नहीं हुई थी, यानी यह हत्या का मामला है। अब पुलिस की नजर उन 50 दोस्तों पर है, जो उसके साथ ओंकारेश्वर आए थे।

25 जनवरी को दोस्तों संग आया था
इंदौर के तिलक नगर (पिपल्याहाना) निवासी मनीष 25 जनवरी को करीब 50 दोस्तों के साथ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। ये लोग 10-10 के अलग-अलग ग्रुप में थे और संगम घाट पर नर्मदा स्नान करने गए थे। स्नान के बाद मनीष लापता हो गया। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पांच दिन बाद 30 जनवरी को ग्राम बिल्लौरा स्थित मौनी बाबा आश्रम के पास नर्मदा किनारे एक शव मिला, जिसकी पहचान मनीष भट्ट के रूप में हुई।

पोस्टमार्टम में मिले चोट के निशान
मामले की जांच कर रही मांधाता थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में सिर के पीछे चोट और गले पर रस्सी जैसे निशान पाए गए। हालांकि डॉक्टरों ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया। इसके बाद सैंपल भोपाल स्थित फॉरेंसिक लैब भेजे गए। करीब 20 दिन बाद आई डायटम टेस्ट रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत पानी में डूबने से नहीं हुई।

अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस
रिपोर्ट के आधार पर शव मिलने के करीब 30 दिन बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मांधाता टीआई अनोख सिंदिया के मुताबिक, कई दोस्तों से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक ठोस सुराग नहीं मिला है। जल्द खुलासा करने का दावा किया गया है।

आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
प्रारंभिक जांच में मनीष भट्ट का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में अवैध वसूली, मारपीट और गुंडागर्दी के मामले दर्ज थे। उसके साथ आए कई दोस्त भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस गैंग रंजिश या मुखबिरी जैसे एंगल पर भी जांच कर रही है।

क्या होता है डायटम टेस्ट?
डायटम टेस्ट एक फॉरेंसिक जांच है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि मौत डूबने से हुई या नहीं। इसमें शरीर, विशेषकर अस्थि मज्जा या फेफड़ों में पाए जाने वाले सूक्ष्म शैवाल (डायटम) की जांच की जाती है। यदि व्यक्ति जीवित अवस्था में पानी में डूबा हो, तो ये तत्व शरीर में पाए जाते हैं।

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