व्यापमं घोटाले के आरोपी और उसकी पत्नी को किस कोर्ट की फटकार: किसने की टिप्पणी; मामलों की जानकारी हाईकोर्ट में छिपाना उचित नहीं
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी सुनीता सगर को इंदौर हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने यह नोट किया कि सगर दंपत्ती ने ईडी (आर्थिक अपराध निदेशालय) द्वारा अटैच की गई संपत्ति को मुक्त कराने के लिए ट्रिब्यूनल में लंबित याचिका की जानकारी हाईकोर्ट में छिपाई थी।
क्या थी याचिका
सगर दंपत्ती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि अटैच की गई संपत्ति को रिलीज किया जाए, उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चाहा जाए तो ईडी संपत्ति के बराबर एफडी ले ले।
हाईकोर्ट ने कहा – जानकारी छिपाना गलत
सुनवाई के दौरान शासन पक्ष और ईडी ने बताया कि अटैच संपत्ति के खिलाफ याचिका पहले से ही ईडी न्यायाधिकरण में लंबित है। ऐसे मामलों की जानकारी हाईकोर्ट में छिपाना उचित नहीं है। सगर के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिका पुराने अधिवक्ता के माध्यम से तैयार की गई थी और उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं थी।
इस पर हाईकोर्ट की बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी शामिल थे, ने दंपत्ती की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। हालांकि, याचिका वापस लेने के बावजूद अदालत ने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया।
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