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आज से करोड़ों लोगों का बंद हो सकता है WhatsApp: इस नियम के कारण होगा ऐसा; जानिये अब क्या जरूरी है

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 मार्च 2026, 2:03 pm
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आज से करोड़ों लोगों का बंद हो सकता है WhatsApp

खुलासा फर्स्ट, दिल्ली।
आज से देश में लाखों-करोड़ों यूजर्स के लिए WhatsApp यानी वाट्सएप की सेवा प्रभावित हो सकती है। इसकी वजह भारत सरकार का नया ‘सिम बाइंडिंग’ नियम है, जिसे 28 फरवरी तक लागू करने की समय-सीमा तय की गई थी। यह नियम Telegram और Signal जैसे अन्य मैसेजिंग ऐप्स पर भी लागू होगा।

क्या है सिम बाइंडिंग?
‘सिम बाइंडिंग’ का मतलब है कि किसी भी मैसेजिंग या डिजिटल सेवा को उस डिवाइस में एक्टिव सिम कार्ड से लिंक (बाइंड) होना अनिवार्य होगा। यानी जिस स्मार्टफोन में सक्रिय सिम नहीं होगा, उसमें संबंधित ऐप काम नहीं करेगा।

कितने यूजर्स हो सकते हैं प्रभावित?
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 85.3 करोड़ WhatsApp यूजर्स हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो एक ही नंबर से लिंक्ड डिवाइस फीचर के जरिए दो या उससे अधिक स्मार्टफोन में WhatsApp चलाते हैं।

नए नियम के लागू होने के बाद जिन स्मार्टफोन्स में एक्टिव सिम कार्ड नहीं होगा, उनमें WhatsApp बंद हो सकता है। अनुमान है कि इससे 2 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि लैपटॉप और पीसी पर WhatsApp Web सामान्य रूप से चलता रहेगा।

दूरसंचार विभाग का नियम
दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 के तहत सिम बाइंडिंग को अनिवार्य किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड और डिजिटल अपराधों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।

क्या होंगे फायदे?
साइबर ठगी और फर्जी कॉल/मैसेज पर लगाम लगेगी। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों में कमी आने की उम्मीद। फर्जी या बिना सिम वाले डिवाइस से होने वाली गतिविधियों पर रोक। UPI ऐप्स में यह व्यवस्था पहले से लागू है, जिससे सुरक्षा मजबूत हुई है।

अब क्या बदलेगा?
अब तक WhatsApp में ‘वेरिफाई वन्स’ मॉडल लागू था। यानी यूजर एक बार OTP से वेरिफिकेशन कर लेता था, तो बाद में सिम हटाने पर भी ऐप चलता रहता था।

लेकिन सिम बाइंडिंग नियम लागू होने के बाद ऐप को लगातार एक्टिव सिम से जुड़ा रहना होगा। बिना सक्रिय सिम वाले स्मार्टफोन में WhatsApp, Telegram या Signal काम नहीं करेंगे।

सरकार का दावा है कि नया नियम साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा, लेकिन इससे उन यूजर्स को दिक्कत हो सकती है जो एक ही नंबर से कई डिवाइस पर मैसेजिंग ऐप इस्तेमाल करते हैं। आने वाले दिनों में इसका असली असर साफ होगा।

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