भोजशाला पर निर्णय के बाद अब क्या होगा: इतने पन्नों के फैसले का होगा परीक्षण; मुस्लिम पक्ष कहां जाने की तैयारी में
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भोजशाला विवाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा हिंदू पक्ष के पक्ष में दिए गए विस्तृत फैसले के बाद अब इस बहुचर्चित मामले की अगली कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी। मुस्लिम पक्ष और जैन समाज से जुड़े पक्षकारों ने स्पष्ट किया है कि वे 242 पन्नों के फैसले का गहन अध्ययन करने के बाद इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे। फिलहाल सभी पक्ष निर्णय की विस्तृत प्रति का परीक्षण कर अपनी रणनीति तय करने में जुट गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में इस संवेदनशील विवाद के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
हाई कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका स्वीकार करते हुए भोजशाला परिसर में हिंदू पक्ष को पूजा का विशेष अधिकार प्रदान किया है और वर्ष 2003 के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत यहां नमाज की अनुमति दी गई थी। अदालत ने अपने फैसले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट को प्रमुख आधार माना।
एएसआई द्वारा 98 दिनों तक किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और करीब 2100 पन्नों की रिपोर्ट में प्रस्तुत पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक साक्ष्यों को निर्णायक माना गया, जिनसे यह संकेत मिला कि भोजशाला प्राचीन काल में मां वाग्देवी और संस्कृत शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित थी। अदालत ने इन्हीं तथ्यों के आधार पर परिसर के धार्मिक स्वरूप को मंदिर के रूप में स्वीकार करते हुए पूजा अधिकार हिंदू पक्ष को सौंपे हैं।
हिंदू पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने फैसले को महत्वपूर्ण कानूनी विजय बताते हुए कहा कि अदालत ने ऐतिहासिक दस्तावेजों, प्राचीन ग्रंथों और एएसआई रिपोर्ट के समेकित अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भोजशाला प्रकरण की प्रकृति अयोध्या राम मंदिर विवाद से भिन्न है, क्योंकि अयोध्या मामला दीवानी वाद था, जबकि भोजशाला का प्रकरण रिट याचिका के रूप में सुना गया। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि अयोध्या फैसले में स्थापित कुछ कानूनी सिद्धांतों और एएसआई रिपोर्ट के मूल्यांकन की पद्धति को यहां भी आधार बनाया गया।
वहीं, मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नूर मोहम्मद शेख ने कहा कि अभी केवल फैसले का निष्कर्ष सामने आया है, जबकि विस्तृत आदेश का अध्ययन किया जाना शेष है। उन्होंने बताया कि सर्वे प्रक्रिया, एएसआई की कार्यप्रणाली तथा पूर्व न्यायालयीन निर्देशों के पालन को लेकर कई आपत्तियां पहले ही दर्ज कराई जा चुकी हैं।
अब यह देखा जाएगा कि हाई कोर्ट ने उन आपत्तियों पर क्या दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि इस मामले में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी जाएगी।
मामले में जैन समाज से जुड़े पक्षकारों ने भी फैसले की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी रणनीति तय करने की बात कही है। उनका कहना है कि भोजशाला का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य केवल हिंदू और मुस्लिम पक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि जैन परंपरा से जुड़े कई पहलू भी इसमें समाहित हैं। ऐसे में वे यह देखना चाहते हैं कि न्यायालय ने उनके पक्ष और ऐतिहासिक साक्ष्यों को किस हद तक महत्व दिया है।
उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में एएसआई की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट को अहम माना है, जिसे वर्ष 2024 में 98 दिनों तक चले वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किया गया था।
इस रिपोर्ट में भोजशाला परिसर से जुड़े कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक निष्कर्ष सामने आए थे। हालांकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उन्होंने इस सर्वे और रिपोर्ट को लेकर कई आपत्तियां उठाई थीं, जिनका समुचित परीक्षण आवश्यक है। अब सभी पक्षों की नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है, जहां यह विवाद संवैधानिक स्तर पर अंतिम निर्णय की दिशा में आगे बढ़ेगा।
संबंधित समाचार

राजघराना संपत्ति विवाद:इनकी आपत्ति पर सुनवाई; इस तारीख को पेश करने होंगे सबूत

चर्चित हत्याकांड में फैसला:प्रेमी और प्रेमिका को मिली फांसी की सजा; कोर्ट में आरोपी बोली- मेरी बच्चियों का ध्यान रखना

मेन रोड पर बिना अनुमति पंडाल लगाने पर हाईकोर्ट सख्त:डीसीपी को किया तलब; अदालत ने पूछा- जब मंजूरी नहीं ली तो सड़क कैसे ब्लॉक हुई?

चार महीने से ज्वाइनिंग का इंतजार:अपर कलेक्टर को संभागायुक्त का नोटिस; तीन दिन में जवाब देने के निर्देश

देखिए वीडियो, शराब पीकर गाली-गलौज और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप:रहवासियों ने थाने में की शिकायत

आईडीए की इस स्कीम से मुक्त होंगे इतने हजार प्लॉटधारक!:मुख्यमंत्री से होगी जल्द चर्चा, विधायक की पीड़ितों के साथ बेैठक के बाद आंदोलन स्थगित

नए नल कनेक्शन पर रोक:कॉलोनियों को भी नहीं मिलेगा नर्मदा का बल्क कनेक्शन; कम बारिश के बीच नगर निगम का फैसला

देखिए वीडियो, दीपावली से पहले लाड़ली बहनों को तोहफा:सीएम डाॅ. मोहन यादव ने जारी की योजना की किस्त

करोड़पति हेड कांस्टेबल बेनकाब:लोकायुक्त इंदौर-उज्जैन पुलिस की छापेमारी

प्लॉट और फ्लैट के नाम पर 72 लाख की चपत:एरोड्रम में रजिस्ट्री के नाम पर धोखाधड़ी; दोस्त का दिया चेक हो गया बाउंस, फेसबुक लिंक से भी ठगी

12.33 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए तस्कर का साथी भी हुआ गिरफ्तार:रिषभ से पूछताछ में मयंक उर्फ कृष्णा के नाम का खुलासा

सज्जन वर्मा ने नशे के धंधे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दी नसीहत:पद से इस्तीफा दे दो; दोनों मिलकर लड़ेंगे जनता की लड़ाई

सिंधिया राजघराने की 41 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद फिर उलझ गया

मेट्रोपॉलिटन सिटी में बदल रहा है मालवा:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सिंहस्थ 2028 के लिहाज से इंदौर-उज्जैन में होटल सुविधाएं जरूरी

माता और महाकाल के जयघोष के साथ महाप्रसादी का वितरण:नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर 10 दिवसीय महोत्सव

राजस्थानी संस्कृति की झलक:बालिकाओं ने गरबा और नृत्य से दिखाई

इस योजना में जुड़ सकते हैं नए नाम:फिर खुल सकता है पोर्टल; मंत्री ने दिया बड़ा बयान, छूटी हुई महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश

‘खम्मा रे खम्मा’ की धुन पर झूमे गरबा प्रेमी

मां कूष्मांडा:एक मुस्कान; जो अंधकार को सृष्टि में बदल देती है

स्कूली बालिकाओं का किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण:शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संयोगितागंज में फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया का आयोजन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!