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धर्मांतरण-दुष्कर्म केस की आरोपी बहनों का कैसा कनेक्शन: 20 साल पहले कहां से आया था परिवार; कैसे बन गई सेक्स रैकेट की सरगना

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 मार्च 2026, 12:42 pm
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धर्मांतरण-दुष्कर्म केस की आरोपी बहनों का कैसा कनेक्शन

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
धर्मांतरण और रेप मामले में गिरफ्तार आरोपी बहनें अमरीन और आफरीन फिलहाल जेल में हैं। मामले की जांच के दौरान पुलिस को लगातार नए और चौंकाने वाले तथ्य मिल रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बहनों का संबंध एक ईरानी डेरे से रहा है। पुलिस इस कनेक्शन से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है।

परिवार के साथ लखनऊ से भोपाल आई थीं
करीब 20 साल पहले अमरीन और आफरीन अपने परिवार के साथ लखनऊ से भोपाल आई थीं। बताया जा रहा है कि उनका परिवार वहीं के एक ईरानी कबीले से जुड़ा रहा है। भोपाल आने के बाद उनके पिता ने टेलर की दुकान में काम शुरू किया, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल से चलता था।

पिता की मौत के बाद बदली जिंदगी
साल 2020 में कोरोना काल के दौरान पिता की मौत हो गई। इसके बाद दोनों बहनों ने नौकरी करने का फैसला किया। सबसे पहले अमरीन ने नर्मदापुरम के एक स्पा सेंटर में काम शुरू किया। बाद में उसने अपनी छोटी बहन आफरीन को भी स्पा में नौकरी दिला दी।

दोनों बहनों की कई हाई-प्रोफाइल लोगों से पहचान
पुलिस के मुताबिक, स्पा में काम करने के दौरान दोनों बहनों की कई हाई-प्रोफाइल लोगों से पहचान हुई। धीरे-धीरे वे देह व्यापार के नेटवर्क से जुड़ गईं और बाद में अन्य युवतियों को भी इस धंधे में धकेलने लगीं।

5–7 लड़कियों को धंधे में धकेलने का आरोप
एफआईआर दर्ज कराने वाली दोनों पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी बहनें अब तक 5 से 7 लड़कियों को देह व्यापार में धकेल चुकी हैं। उनका तरीका एक जैसा होता था। वे पहले लड़कियों को बच्चे की देखभाल या घरेलू काम के नाम पर अपने घर में नौकरी देती थीं। इसके बाद उन्हें घुमाने-फिराने और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में ले जाती थीं। आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ चंदन, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा द्वारा दुष्कर्म किया जाता था।

बदनामी का डर दिखाकर चुप करवाती थी
पीड़िताओं का कहना है कि शिकायत करने पर बदनामी का डर दिखाकर उन्हें चुप कराया जाता था। बाद में काम के बहाने उन्हें अहमदाबाद भेज दिया जाता, जहां यासिर नाम का व्यक्ति स्पा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर देह व्यापार के लिए मजबूर करता था।

मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी, तीन अभी फरार
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं यासिर, बिलाल और चानू फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगी हुई हैं।

मोबाइल फोन जब्त
पुलिस ने अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, लेकिन आफरीन का फोन बरामद नहीं हो सका। पूछताछ के दौरान वह फोन को लेकर पुलिस को लगातार गुमराह करती रही। रिमांड खत्म होने के बाद 26 फरवरी को उसे भी कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

परिवार की पृष्ठभूमि
अमरीन और आफरीन सहित उनके परिवार में चार बहनें और दो भाई हैं। इनमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक भाई मानसिक बीमारी से ग्रस्त बताया जाता है। बिलाल उनका मौसेरा भाई है, जो कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क में शामिल था। वह मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है और कुछ समय से भोपाल में दोनों बहनों के साथ रह रहा था।

इंस्टाग्राम चैट से खुला मामला
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब 22 फरवरी की रात भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां बागसेवनिया थाने पहुंचीं और अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। दोनों की पहचान इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 23 फरवरी को अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया।

ड्रग्स और शराब के लिए दबाव का आरोप
पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी उन्हें गुजरात और मुंबई ले जाती थीं और वहां अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करती थीं। साथ ही शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं।

मोबाइल में मिले संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप
पुलिस को अमरीन के मोबाइल फोन में कई संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप मिले हैं। इनमें कई युवतियों की तस्वीरें भी पाई गई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित नेटवर्क में चंदन यादव, बिलाल और यासिर सक्रिय रूप से जुड़े थे। पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि दोनों बहनें शुरुआत में उन्हें परिवार के सदस्य की तरह रखती थीं और भरोसा जीतने के बाद धर्म परिवर्तन और अच्छी जगह शादी कराने का झांसा देती थीं।

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