10 रुपये की दूषित मटका कुल्फी ने क्या कहर ढाया: इतने बच्चों की क्या हालत हो गई; दो की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, मंदसौर/ गरोठ।
मध्य प्रदेश के गरोठ थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटड़ाबुजुर्ग गांव में दूषित मटका कुल्फी खाने से करीब 15 बच्चे एक साथ बीमार पड़ गए। घटना मंगलवार रात की है, जब गांव के बच्चों ने ठेले पर बिक रही 10 रुपए की मटका कुल्फी खाई और कुछ ही घंटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
उल्टी, दस्त, पेट दर्द
परिजनों के अनुसार, रात करीब 9 बजे के बाद बच्चों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कुछ मामलों में मुंह से झाग आने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। स्थिति बिगड़ने पर परिजन तुरंत बच्चों को इलाज के लिए पास के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजस्थान के भवानीमंडी स्थित नवजीवन मेट्रो अस्पताल रेफर किया गया।
आईसीयू में भर्ती
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, शिवम (7) और इरशाद (10) की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं, निहारिका (11), दिव्यांशु (7) सहित अन्य बच्चों का इलाज जनरल वार्ड में चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिक जांच में दूषित आइसक्रीम को ही बीमारी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
ठेले पर बिक रही थी कुल्फी, पहले भी हो चुके हैं मामले
ग्रामीणों के अनुसार, यह कुल्फी पास के गांव बोलिया में “राधिका मटका कुल्फी सेंटर” नाम से बेची जा रही थी, जिसे ठेले के माध्यम से गांव-गांव पहुंचाया जाता था। कुल्फी में दूध, इलायची क्रिस्टल पाउडर और पानी मिलाकर तैयार किया जाता था। स्थानीय निवासी कमलेश प्रजापति ने बताया कि पहले भी इस कुल्फी को खाने से बच्चे बीमार पड़े थे, लेकिन तब मामला ज्यादा गंभीर नहीं हुआ था।
नकली दूध का पुराना मामला, जांच पर उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि कोटड़ाबुजुर्ग गांव में 12 मार्च को नकली दूध की डेयरी पकड़ी गई थी और पुलिस ने सैंपल जांच के लिए भेजे थे, लेकिन अब तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि कुल्फी बनाने में उसी तरह के मिलावटी या दूषित दूध का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और बीमार बच्चों के घर जाकर हालचाल लिया। जो बच्चे ठीक होकर घर लौट चुके हैं, उनका भी फॉलोअप किया जा रहा है। गरोठ के बीएमओ डॉ. दरबार गोपाल सिंह ने बताया कि कुछ बच्चों का इलाज अभी जारी है और एक बच्चे की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिस पर डॉक्टरों की विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इधर, नायब तहसीलदार रघुनाथ माचार ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
कार्रवाई की तैयारी, खाद्य सुरक्षा पर फोकस
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। कुल्फी के सैंपल लिए जाने और विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई है।
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