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विदेशी फेसबुक फ्रेंड ने क्या गुल खिलाया: किस बात का दिया झांसा; कहां आने का जाल बुना, बैंक खाते से कितने लाख कर दिए गायब

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मई 2026, 4:21 pm
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विदेशी फेसबुक फ्रेंड ने क्या गुल खिलाया

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
फेसबुक पर विदेशी महिला से दोस्ती, वाट्सएप पर प्यार भरी बातें, भारत घूमने आने का वादा और करोड़ों की करेंसी एक्सचेंज कराने का लालच — ग्वालियर के एक ठेकेदार के साथ साइबर ठगों ने ऐसा ही जाल बुना और उनके खाते से 1.23 लाख रुपए उड़ा लिए। जब ठगों ने 70 हजार रुपए और मांगे तब जाकर पीड़ित की आंखें खुलीं और उसे असलियत का एहसास हुआ।

मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरीशंकरपुरम का है। यहां रहने वाले 28 वर्षीय ठेकेदार कमलकांत यादव की 24 अप्रैल को फेसबुक पर 'लकी चार्ल्स' नाम के एक अकाउंट से एक महिला से पहचान हुई। इसके बाद बातचीत व्हाट्सएप पर शिफ्ट हो गई, जहां महिला 'डॉ. पेट्रीशिया आर मेडिसन' के नाम से सामने आई। उसने खुद को लंदन निवासी बताया और जल्द ही भारत घूमने आने की बात करने लगी।

बातों ही बातों में महिला ने कमलकांत को बताया कि वह भारत आते समय अपने साथ 95 हजार ब्रिटिश पाउंड यानी करीब एक करोड़ बाईस लाख रुपए लेकर आ रही है। इतनी बड़ी रकम का नाम सुनते ही कमलकांत के मन में लालच जागा। उन्हें लगा कि करेंसी एक्सचेंज कराने पर मोटा कमीशन मिलेगा और ऊपर से विदेशी महिला के साथ घूमने-फिरने का मौका भी।

27 अप्रैल को ठगों ने अगला पासा फेंका। कमलकांत के पास एक महिला का फोन आया जिसने खुद को मुंबई एयरपोर्ट कर्मचारी बताया। उसने कहा कि उनके नाम पर विदेशी करेंसी आई है जिसे रिलीज कराने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी।

लालच और भरोसे में डूबे कमलकांत ने बिना देर किए 38,500 रुपए जमा कर दिए। लेकिन ठगों का खेल यहीं नहीं रुका। एक के बाद एक नए बहाने सामने आते गए। कभी लॉन्ड्री चार्ज, कभी प्रोसेसिंग फीस। इस तरह अलग-अलग किस्तों में 88,600 रुपए और ऐंठ लिए गए। कुल मिलाकर कमलकांत के खाते से 1.23 लाख रुपए निकल चुके थे।

जब ठगों ने हिम्मत करके 70 हजार रुपए और मांगे तब कमलकांत के मन में पहली बार शक पैदा हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है उनकी जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और उनके झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करना कितना खतरनाक हो सकता है। साइबर विशेषज्ञ बार-बार आगाह करते हैं कि करेंसी एक्सचेंज, लॉटरी या विदेशी पार्सल के नाम पर मांगी गई कोई भी रकम ठगी का हिस्सा हो सकती है।

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