किस बात पर आया इस रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को क्रोध: क्यों कहा- बर्र के छत्ते में हाथ न डालें; मंदिरों से सोना निकलवाने की मांग पर क्या बोले
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद देशभर में मंदिरों के स्वर्ण भंडार को लेकर छिड़ी बहस ने तूल पकड़ लिया है। इसी बीच मध्यप्रदेश के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और वर्तमान में राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्व अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि सिर्फ एक साल सोना न खरीदने की अपील हुई, तो लोग मंदिरों के सोने की सूची सोशल मीडिया पर घुमाने लगे और सरकार से उसे अधिग्रहित करने की मांग करने लगे। उन्होंने इस प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह चर्चा एकतरफा है।
श्रीवास्तव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि ऐसे लोग केवल हिंदू मंदिरों की संपत्तियों पर ही बात करते हैं, जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए गोल्डन टेंपल, अलीगढ़ की जामा मस्जिद, कर्नाटक के नामद्रोलिंग मठ, महाबोधि टेंपल और वेलंकन्नी स्थित बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की खुली व्यवस्था के कारण मंदिरों के स्वर्ण भंडार की जानकारी अपेक्षाकृत अधिक सार्वजनिक है, जबकि अन्य धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों को लेकर “quantified public data” कम उपलब्ध बताया जाता है। साथ ही उन्होंने चर्च और वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता पर भी चर्चा की आवश्यकता जताई।
अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा- ऐसे सज्जनों से मेरा कहना है कि अपनी औकात में रहें, बर्र के छत्ते में हाथ न डालें। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिस पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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