जगत के हम सिकंदर: दिन में रंग, रात में बरसे रन, होली-दीवाली संग-संग; क्रिकेट की दुनिया में भारत की बादशाहत को लगे चार चांद, ग्रेट टीम इंडिया
KHULASA FIRST
संवाददाता

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जी हां, टी-20 वर्ल्डकप 2026 की ट्रॉफी के साथ हमने एक बार फिर जग जीत लिया। क्रिकेट की दुनिया के हम फिर सिरमौर हो गए। हिंदुस्तान की क्रिकेट जगत की बादशाहत न सिर्फ एक बार फिर कायम हुई, बल्कि इस जीत ने भारत की बादशाहत में चार चांद लगा दिए।
2024 का टी-20 वर्ल्डकप, फिर 2025 एशिया कप, 2025 में ही चैंपियन ट्रॉफी जीतकर हम जगत को हतप्रभ कर चुके थे। इस बीच हमारी बेटियों ने भी वुमंस वर्ल्डकप जीतकर दुनिया में भारत की ‘भगवतियों' का दबदबा कायम कर दिया। रविवार की जीत के साथ महज 2 बरस में ये हमारा 5वां वर्ल्डवाइड खिताबी मुकाबला था, जो हमने आन-बान-शान से जीता।
जीत का ये परचम अहमदाबाद से होते हुए सहयोगी मेजबान देश श्रीलंका व पड़ोस के पाकिस्तान से होता हुआ पूरी दुनिया में फहरा गया। यूं तो सब मुल्क इस जीत पर खुश हुए। हारने वाली न्यूजीलैंड भी टीम भावना से लबरेज नजर आई। बस, पड़ोसी पाकिस्तान व उसकी मानसिकता से जुड़ा तबका गमजदा नजर आया। पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ये किसी भयकंर सदमे से कम न है कि ये भारत की टी-20 वर्ल्डकप की तीसरी व लगातार दूसरी जीत है।
इंदौर और इंदौरियों की तो बल्ले-बल्ले हो गई। अहिल्या मैया के आंगन में दिन में खूब रंग बरसे। रंगपंचमी पर्व के संग शहर ने दिन में जमकर होली मनाई। क्रिकेट की जीत के बाद इस शहर ने रात में दीपावली मनाई। अपन का इंदौर देश का अनूठा मुल्क बना, जिसने दिन में होली, रात में दीवाली मनाई।
क्योंकि जबरदस्त रंगों वाली रंगपंचमी सिर्फ हमारे मालवा अंचल में ही जो मनाई जाती है। खासकर इंदौर में। लिहाजा इंदौर ने भी एक ही दिन में दो अलग-अलग मिजाज से जुड़े त्योहार एक साथ मनाए। पहले पूरे शहर ने अहिल्या मैया के आंगन राजवाड़ा पर आकर होली खेली और फिर रात में इसी आंगन में आकर दीवाली मनाई।
जमकर आतिशबाजी की और ऐसे पटाखे फोड़े कि दीवाली की रात भी पीछे छूट गई। जैसे ही भारत ने मुकाबला जीता, परिवार सहित लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। सबका एक ही मुकाम था- राजवाड़ा। बस, फिर क्या था, जत्थे के जत्थे राजवाड़ा की तरफ बढ़ चले, जहां जीत का जश्न आधी रात तक चला।
खाकी भी रह गई हतप्रभ, इंदौरियों ने ऐसा दिखाया राजवाड़ा से अनुराग
सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराने की खुशियां मनाने राजवाड़ा पहुंचे देशभक्तों को लाठियों से खदेड़ने वाली खाकी के हाथ-पैर रविवार रात फूल गए। राजवाड़ा जनता चौक पर पलभर में ही इतने इंदौरी जुटे कि खाकी एक झटके में ‘अल्पसंख्यक' हो गई। राजवाड़ा को जोड़ने वाली हर सड़क पर जनसैलाब उमड़ा हुआ था।
लोग परिवार सहित मां अहिल्या के आंगन में देश की जीत की खुशियां बांटने आए। अपने राजवाड़ा के प्रति इंदौरियों के इस अनुराग को देख खाकी वर्दी हतप्रभ रह गई। इंदौरी मिजाज से गैर वाकिफ ‘कमिश्नरी' की तमाम हेकड़ी इस उत्सवप्रेमी शहर के आगे फीकी हो गई। लहराते तिरंगे, जमकर होती आतिशबाजी, गूंजते ढोल-नगाड़े व झूमते इंदौर के बाशिंदों के दृश्य ने इस खाकी वर्दी को भी कुछ पल के लिए ही सही, मंत्रमुग्ध कर दिया।
भले ही बाद में वह ‘अपनी वाली' पर आ गई और सीटियां बजा-बजाकर चौक खाली और दुकानें बंद कराने लगी, लेकिन इंदौर कहां मानता है? राजवाड़ा से भगाया तो पूरा इंदौर व इंदौरी जश्न एमजी रोड पर उमड़ गया। राजवाड़ा से पलासिया तक फिर जश्न मनने लगा। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन की जोर-जबरदस्ती बरकरार थी।
आखिर रहे भी क्यों नहीं? उनसे इस शहर में कोई पूछने वाला जनप्रतिनिधि ही नहीं कि आखिर इंदौर के पुलिस कमिश्नर सिस्टम को देशभक्ति के उत्सव को डंडे के दम पर रोकने के आदेश किसने दिए? और वो ऐसा किसके कहने पर कर रही है? ‘मूक-बधिर नेतृत्व' की शह पर एक बार इंदौर रुआंसा हो जीत के जश्न के बीच बेमन से घर लौटा।
गज्जब ही हो गया। कल्पना तो की थी सभी ने, लेकिन ऐसी महाविजय होगी, ये कल्पनातीत था। भारत के भाग्य में यूं भी इतनी सारी खुशियां एक साथ कम ही मयस्सर होती हैं। लिहाजा आशंका-कुशंका सदा बनी रहती है। 2023 की 19 नवंबर की तारीख हम कैसे भूल सकते हैं?
उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद भी अपने ही मुल्क में हम आखिरी में जाकर गमजदा होने को मजबूर हो गए। इस बार फिर हम आखिरी में आ गए थे। उम्मीदें परवान पर थीं, लेकिन अनहोनी की आशंका भी जेहन से जा ही नहीं रही थी। प्रतिद्वंद्वी भी तगड़ा था। लिहाजा रह-रहकर एक अनजाना-सा डर मन में समाया था।
लेकिन रंगों वाली पंचमी पर पहले तो हमारे भाग्य के हिस्से में ऐसे रन बरसे कि समूचा स्टेडियम ही नहीं, भारतवर्ष तरबतर हो गया। फिर जब पलटवार की बारी आई तो सारे डर, अंदेशे, अनहोनी की आशंका, कुशंकाएं धूल-धूसरित हो गईं। बस, फिर क्या था? जैसे ही अनियमित गेंदबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के जेकाब डफी को अपनी गेंद पर लांग ऑन बाउंड्री पर तिलक वर्मा के हाथों झिलवाया, देश झूम उठा।
करीब डेढ़ अरब भारतवासियों की आंखें पनीली हो गईं और खुशियों के आंसू बह निकले। हिंदुस्तानियों के बाजू फड़क उठे। मुट्ठियां भिंच गईं। सीना गर्व से फूलकर ‘56 इंची' हो गया। मुंह से बरबस ही निकल गया- जगत के हम सिकंदर।
संबंधित समाचार

सोनम रघुवंशी ने किया सरेंडर:सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद किया आत्मसमर्पण

घंटों खड़ी रही मासूम छात्राएं कलेक्टर ने अफसरों को लताड़ा:कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में अधिकारियों की निर्ममता

वीडियो देखिये, मंत्रियों संग दो घंटे की बैठक बेनतीजा:शिवराज बोले- केंद्र ने मूंग खरीदी का लक्ष्य नहीं दिया; किसानों की चेतावनी- सीएम हाउस का गेट तोड़कर घुसेंगे

हाई कोर्ट के 24 घंटे के अल्टिमेटम पर:निगम ने की महज दिखावे की कार्रवाई

कुएं में गिरा तेंदुआ:पूरी रात सरियों पर बैठा रहा; ट्रैक्टर और खाट की मदद से 3 घंटे चला रोमांचक रेस्क्यू

खुदाई के दौरान फटी गैस पाइपलाइन:तेज धमाके के साथ उठीं आग की लपटें; टला बड़ा हादसा

जन्मदिन के अगले ही दिन जलने से मासूम की मौत, कई सवालों का खुलासा होना बाकी:मूक-बधिर मां नहीं जुटा सकी मदद

जालसाज गौरव राठौर की ठगी के और शिकार भी आए सामने:पुलिस की जनसुनवाई में शिकायत- प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगा रुपए लौटाने का दबाव बनाने पर देता था आत्महत्या की धमकी

बेटी को सीने से लगाकर ट्रेन के आगे कूदी मां:दोनों की मौत; आत्महत्या के कारणों की जांच जारी

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार पंच:बॉक्सिंग में नौै मेडल पक्के; तजिंदर-समरदीप पहुंचे शॉटपुट के फाइनल में

मुजरा पार्टियां करवाता है रॉनी का सट्टेबाज साथी:रिमांड में लल्ला चौहान से पूछताछ जारी

वीडियो देखिए, बस के सामने ढाल बनकर खड़ी हुईं एडिशनल कमिश्नर:किसान आंदोलन के प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका

बदमाशों का निकाला जुलूस:पुलिस ने घटनास्थल पर कराया सीन रीक्रिएशन; मारपीट में इस्तेमाल लोहे का पलटा बरामद

10 क्विंटल संदिग्ध देशी घी जब्त:₹5.50 लाख का स्टॉक सीज; बिना लाइसेंस चल रही थी दुकान

किसान आंदोलन उग्र:शिवराज के घर पर घेराव; पुलिस से झड़प, सीएम हाउस कूच की चेतावनी, मंत्रालय में मंत्रियों से वार्ता जारी

धक्का-मुक्की के सबूत नहीं मिले:एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक समेत आठ को किया बरी

सफाईकर्मियों की भूख हड़ताल 12 दिन से जारी:मंत्री निवास का घेराव करने निकले कर्मचारियों को पुलिस ने रोका

बिल्डरों पर कोर्ट की सख्ती:गिरफ्तारी वारंट हुआ जारी; इस वजह से लिया एक्शन

ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट में बड़ा मंथन:इंदिरा साहनी फैसले; 50% सीमा और जाति व्यवस्था पर हुई अहम बहस

रीगल पर आंदोलन, एमआईसी की मध्यस्थता भी हो गई विफल:निगम का आधिकारिक प्रस्ताव वाल्मीकि सेना ने नकारा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!