खबर
Top News

प्रतिदिन हो जलप्रदाय व्यवस्था की मॉनिटरिंग, सीएम डॉ. मोहन यादव: सीएम के निर्देश पर मुख्य सचिव ने ली कलेक्टर; नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई एवं जल निगम की बैठक

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 मई 2026, 4:37 pm
158 views
शेयर करें:
प्रतिदिन हो जलप्रदाय व्यवस्था की मॉनिटरिंग, सीएम डॉ. मोहन यादव

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े विभागों को शिकायतों के त्वरित निराकरण और प्रतिदिन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम आदि विभागों के पेयजल व्यवस्था से जुड़े समस्त अमले के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत होंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने रविवार को कलेक्टर, नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई और नगर निगम के अधिकारियों के साथ वीसी से बैठक की। कलेक्टरों से कहा कि सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाएं और पेयजल उपलब्धता के लिए अधिकारियों की समिति बनाकर प्रतिदिन समीक्षा करें।

जैन ने कहा कि सुनिश्चित करें टैंकर से पेयजल आवश्यकता वाले क्षेत्रों में वितरित हो और अनियमितता नहीं हो। उन्होंने टैंकर के दुरुपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए।

अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संवाद और समन्वय रखकर पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर पेयजल उपलब्धता के लिए युद्ध स्तर पर काम करें।

शहरी क्षेत्र की पानी की टंकियों को भरने में समानता रखें और अन्य विभागों के साथ ही ऊर्जा विभाग को भी इस पूरे प्लान में शामिल रखें। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी नलजल योजना का विद्युत कनेक्शन न कटे।

राज्य शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल आदि के खनन के लिए 1500 करोड़ रुपए की राशि जारी की है और पंचायतों को संधारण कार्य के लिए 55 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि भी दी गई है, जिससे पेयजल उपलब्धता में असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर मैकेनिज्म तैयार करें और नियमित रूप से समीक्षा करें।

सेंट्रल कंट्रोल रूम को लीड करें कलेक्टर
मुख्य सचिव ने कहा कंट्रोल रूम को स्वयं कलेक्टर लीड करें और जनप्रतिनिधियों के अलावा लोक सेवा गारंटी तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का न्यूनतम समय अवधि में निराकरण करवाएं।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ संवाद रखें एवं पेयजल उपलब्धता तथा शिकायतों के निराकरण का प्रचार-प्रसार भी करें। आगामी एक माह के लिए प्लान बनाकर रोज सख्ती से मॉनिटरिंग की जाए।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!