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मध्यप्रदेश में जल संकट: पानी के लिए कुएं में उतर रही महिलाएं; नलों में कीड़े, झिरियों से पानी पीने को मजबूर लोग

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 मई 2026, 12:33 pm
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मध्यप्रदेश में जल संकट

खुलासा फर्स्ट, बैतूल।
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ पेयजल संकट अब भयावह रूप लेता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में हालात ऐसे हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं महिलाएं जान जोखिम में डालकर गहरे कुओं में उतर रही हैं, तो कहीं सूखी नदी-नालों में झिरियां खोदकर मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं।

पैदल चलकर पानी ला रहे लोग
कई गांवों में लोग रोजाना किलोमीटरों पैदल चलकर पानी ला रहे हैं, जबकि कुछ इलाकों में नलों से बदबूदार और कीड़ों वाला पानी सप्लाई हो रहा है। खरगोन के टेमला गांव में बीते एक महीने से जल संकट गहराया हुआ है।

एक महीने से जल संकट गहराया हुआ
गांव में 5-6 दिनों से नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं और तीन दिन में सिर्फ एक घंटे पानी मिल रहा है। परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम तक कर दिया।

गड्ढे खोदकर रिसाव वाला पानी जमा कर रहे
सीहोर के रामगढ़ और आसपास के गांवों में महिलाएं सूखे कुओं में उतरकर पानी निकाल रही हैं। कई जगह लोग सूखी नदी में गड्ढे खोदकर रिसाव वाला पानी जमा कर रहे हैं, जिसे कपड़े से छानकर पीना पड़ रहा है।

नल-जल योजना बंद पड़ी
बैतूल के हरिमऊ गांव में नल-जल योजना बंद पड़ी है और हैंडपंप भी जवाब दे चुके हैं। करीब एक हजार की आबादी अब 5 किलोमीटर दूर स्थित गंदे कुएं पर निर्भर है, जहां पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

सरकारी कुएं पर कब्जे का आरोप
रायसेन के कोकलपुर गांव में ग्रामीणों ने सरकारी कुएं पर कब्जे का आरोप लगाया है। गांव की करीब 2 हजार आबादी को पूरे दिन में केवल 3-4 कुप्पा पानी मिल पा रहा है। उधर मंदसौर में लोगों को डेढ़ महीने से नलों में कीड़े और बदबूदार पानी मिलने की शिकायत है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

अधिकारियों से गुहार लगाई
मंडला जिले की जंतीपुर पंचायत के कुदई टोला में हालात और गंभीर हैं। गांव का इकलौता कुआं भी सूख चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना की टंकी बने एक साल हो चुका है, लेकिन अब तक सप्लाई शुरू नहीं हुई। परेशान ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों से गुहार लगाई है।

हालात और बिगड़ने की आशंका
प्रदेश में बढ़ते जल संकट ने सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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