विधानसभा दो में पानी का संकट: विधायक रमेश मेंदोला के घर पहुंचे लोग खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरे
KHULASA FIRST
संवाददाता

नगर निगम की लापरवाही पर नाराज हुए विधायक, महापौर और अफसरों को 25 मिनट पानी सप्लाई करने के निर्देश
पार्षद लालबहादुर वर्मा ने ई-रिक्शा में लाउड स्पीकर लगाकर किया विरोध, अफसरों के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी
वादाखिलाफी: सांसद के आश्वासन के सालभर बाद भी नहीं खुदे बोरिंग
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो में पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। विधायक रमेश मेंदोला के निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी जरूरत के लिए जनता का इस तरह सड़कों पर उतरना प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है।
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, शहर में जलसंकट गहराता जा रहा है। अब तक यह समस्या सिर्फ पिछड़ी बस्तियों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन अब विधानसभा दो के मुख्य रहवासी इलाकों में भी नगर निगम की लापरवाही के कारण पानी की त्राहि-त्राहि मची हुई है।
शनिवार को क्षेत्र के बदतर हालात से नाराज होकर हजारों की संख्या में रहवासी खाली बर्तन हाथों में थामकर सड़कों पर उतर आए और सीधे विधायक निवास का घेराव करने पहुंच गए।
आधा दर्जन कॉलोनियों के लोगों में दिखा गुस्सा
यह पूरा विरोध प्रदर्शन उस समय जन आंदोलन में बदल गया, जब पाटनीपुरा से लेकर मालवा मिल के बीच आने वाले वार्ड क्रमांक 26 की आधा दर्जन कॉलोनियों के नागरिक सुबह इकट्ठा हुए।
जनता का नेतृत्व कर रहे भाजपा पार्षद लालबहादुर वर्मा खुद एक ई-रिक्शा में सवार हुए और हाथ में लाउड स्पीकर थामकर नगर निगम के लापरवाह तंत्र और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
रैली में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो खाली बाल्टियां और बर्तन बजाकर अपना आक्रोश जता रहे थे। प्रदर्शनकारियों का हुजूम नारेबाजी करता हुआ पार्षद के साथ सीधे नंदानगर स्थित विधायक मेंदोला के निवास पर पहुंचा।
रहवासियों ने साफ कहा कि नगर निगम का जोनल अमला और जल प्रदाय विभाग पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है और बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
दस मिनट भी पानी नहीं मिल रहा
पार्षद वर्मा ने विधायक मेंदोला को क्षेत्र की जमीनी हकीकत बताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में मालवा मिल स्थित पानी की टंकी से जल प्रदाय किया जाता है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से टंकी पर तैनात निगमकर्मी वाॅल्व को पूरा नहीं खोल रहे हैं।
वाॅल्व को कम खोलने की वजह से पानी का प्रेशर पूरी तरह खत्म हो गया है और लोगों के घरों में दस मिनट भी पानी नहीं पहुंच रहा है।
गंदे और बदबूदार पानी से बीमारियां फैलने का अंदेशा बढ़ा
हालत यह है कि भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों के घरों में चार घड़े पानी भी ठीक से नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं, जो पानी आ भी रहा है वह पूरी तरह गंदा और बदबूदार है, जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का अंदेशा बढ़ गया है।
निजी टैंकर माफिया सक्रिय
इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों की आपसी सांठगांठ और तानाशाही का एक और बड़ा मामला सामने आया। पार्षद वर्मा ने विधायक को अवगत कराया कि वार्ड 26 के प्रभावित इलाकों के लिए नगर निगम से जो पानी के टैंकर स्वीकृत हैं, उन्हें मालवा मिल टंकी से भरने ही नहीं दिया जा रहा है।
वहां के कर्मचारी टैंकर ड्राइवरों को भगा देते हैं। इस संबंध में जब महापौर पुष्यमित्र भार्गव से शिकायत की गई थी, तो उन्होंने हस्तक्षेप कर परदेशीपुरा पानी की टंकी से टैंकर भरने की व्यवस्था करवाई थी।
मगर वहां भी भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ ने तीन दिन बाद टैंकरों को बिना पानी भरे खाली लौटाना शुरू कर दिया। सरकारी टैंकरों को पानी नहीं मिलने से निजी टैंकर माफिया सक्रिय हो रहे हैं और जनता पानी खरीदने को मजबूर है।
अधिकांश बोरिंग पूरी तरह सूखे...प्रदर्शन में शामिल महिला रहवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि नर्मदा का पानी वैसे ही दो दिन छोड़कर दिया जाता है। भीषण गर्मी के कारण इलाके के अधिकांश बोरिंग पूरी तरह सूख चुके हैं और बंद पड़े हैं।
ऐसे में एकमात्र सहारा नर्मदा लाइन ही थी, लेकिन निगम अधिकारियों की मनमानी से वह भी बंद होने की कगार पर है। एक सप्ताह से क्षेत्र के मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
घर का सारा कामकाज ठप है और महिलाओं को दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। पार्षद वर्मा ने यह भी मुद्दा उठाया कि भौगोलिक रूप से इतने बड़े वार्ड में नगर निगम की एक भी पानी की टंकी मौजूद नहीं है, जिससे पूरी सप्लाय व्यवस्था दूसरे वार्डों की टंकियों पर निर्भर है।
पार्षद राजू भदौरिया बोले- 15 दिन में काम शुरू नहीं हुआ, तो करेंगे सांसद कार्यालय का घेराव
शहर के वार्ड क्रमांक 22 में गहराते पेयजल संकट को लेकर पार्षद राजू भदौरिया और सांसद शंकर लालवानी आमने-सामने आ गए हैं। सालभर पहले दिए गए आश्वासन के बाद भी जनता को पानी न मिलने से नाराज पार्षद ने अब सांसद के खिलाफ उग्र मोर्चेबंदी का ऐलान कर दिया है।
भदौरिया ने एक साल पुराने उस पत्र की प्रति सार्वजनिक की है, जिसे उन्होंने तीन बोरिंग खनन की मांग को लेकर सांसद को सौंपा था। उनका आरोप है कि उस समय एक-दो महीने में काम शुरू कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी क्षेत्र की पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है और सांसद ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
पार्षद भदौरिया ने सांसद को उनकी नैतिक जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि वे भले ही विपक्षी दल कांग्रेस से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन वार्ड की जनता ने उन्हें भी अपना सांसद मानकर लोकसभा भेजा है।
उन्होंने राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठने की नसीहत देते हुए कहा कि सांसद केवल किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे इंदौर के हैं। भदौरिया ने साफ किया कि उन्हें या उनकी पार्टी को इस काम का कोई श्रेय नहीं चाहिए।
सांसद चाहें तो खुद आकर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से या किसी भी माध्यम से भूमिपूजन कर बोरिंग करा दें, क्योंकि क्षेत्र के लोगों को श्रेय से ज्यादा पानी की जरूरत है।
इसी के साथ पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर वार्ड में बोरिंग का काम शुरू नहीं हुआ तो वे स्थानीय जनता को साथ लेकर सांसद कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सांसद की होगी।
गड़बड़ी किए जाने पर लगाई फटकार
जनता के इस भारी आक्रोश और पार्षद की शिकायत को सुनते ही विधायक रमेश मेंदोला सख्त रुख में नजर आए। उन्होंने मौके से ही नगर निगम के अपर आयुक्त मनोज पाठक को फोन लगाकर जलप्रदाय प्रणाली में की जा रही इस गड़बड़ी और लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई।
विधायक मेंदोला ने निगम के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि मालवा मिल टंकी का वाॅल्व रोजाना पूरी क्षमता से खोला जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि क्षेत्र की सभी कॉलोनियों में नियमानुसार न्यूनतम 20 से 25 मिनट तक सुचारु और पर्याप्त प्रेशर के साथ साफ पानी की सप्लाई अनिवार्य रूप से की जाए, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
टैंकरों को लेकर आ रही समस्या का तत्काल निवारण करते हुए विधायक मेंदोला ने अपने स्तर पर व्यवस्था बदली और वार्ड के स्वीकृत टैंकरों को सीधे नंदानगर पानी की टंकी से भरने के आदेश जारी किए।
उन्होंने टंकी पर तैनात निगम अमले को कड़ी हिदायत दी कि क्षेत्र के टैंकरों को प्राथमिकता के आधार पर भरकर तुरंत रवाना किया जाए।
क्षेत्र की इस समस्या के स्थायी निराकरण के लिए विधायक ने मौके पर ही महापौर से फोन पर चर्चा कर जीणमाता मंदिर के पास नई नर्मदा पानी की टंकी के निर्माण की योजना को मंजूरी दिलाई और टंकी के लिए जगह भी सुनिश्चित करवा दी।
विधायक के इस त्वरित एक्शन के बाद रहवासी शांत हुए और सप्लाय सुधारने के आश्वासन पर वापस लौटे।
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