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भीषण गर्मी के बीच गहराया जल संकट: गांव-गांव में हाहाकार; महिलाएं कुओं में उतरकर पानी निकाल रही

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 मई 2026, 5:11 pm
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भीषण गर्मी के बीच गहराया जल संकट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश में एक तरफ भीषण गर्मी और लू का असर जारी है, वहीं दूसरी तरफ पेयजल संकट ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। कई जिलों में लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं—कहीं महिलाएं कुओं में उतरकर पानी निकाल रही हैं, तो कहीं लोग गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।

गांव-गांव में पानी की किल्लत
प्रदेश के बड़वानी, खरगोन, सतना, रायसेन, मंदसौर और बैतूल जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। कई गांवों में नल सूख चुके हैं, हैंडपंप बंद हैं और लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

खरगोन में चक्काजाम, गांव में आक्रोश
खरगोन जिले के टेमला गांव में पिछले एक महीने से जल संकट बना हुआ है। नलों में कई दिनों तक पानी नहीं आने से नाराज ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध जताया।

सीहोर और बैतूल में कुओं का सहारा
सीहोर जिले के रामगढ़ और आसपास के गांवों में महिलाएं सूखे कुओं और नदियों में उतरकर पानी जुटा रही हैं। कई जगह दो किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाया जा रहा है। बैतूल जिले के हरिमऊ गांव में करीब एक हजार की आबादी पांच किलोमीटर दूर गंदे कुएं पर निर्भर है, जहां लंबी कतारें लग रही हैं।

रायसेन में कुएं पर कब्जे का आरोप
रायसेन जिले के कोकलपुर गांव में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी कुएं पर कुछ लोगों का कब्जा है, जिससे पानी का वितरण प्रभावित हो रहा है और लोग सीमित पानी पर निर्भर हैं।

मंदसौर में दूषित पानी की आपूर्ति
मंदसौर जिले के कई इलाकों में पिछले डेढ़ महीने से नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है, जिसमें कचरा और कीड़े तक पाए जा रहे हैं। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

सतना में भी हालात खराब
सतना जिले के कई गांवों में लोग दो किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच यह स्थिति लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है।

प्रशासन के सामने चुनौती
भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है और लोग तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।

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