खबर
Top News

वीडियो देखिये, पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद धुएं का गुबार: इतनी दूर जा गिरे शव; संचालक हिरासत में, मुख्यमंत्री ने जताया शोक, सरकार ने इतनी मदद घोषित की

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 मई 2026, 2:06 pm
194 views
शेयर करें:

खुलासा फर्स्ट, देवास।
मध्य प्रदेश के देवास के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के तीन मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआत में 8-10 लोगों की मौत की खबर आई थी। हादसे में कुल 25 लोग घायल हुए, जिनमें से 13 गंभीर घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। विस्फोट इतना भीषण था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे।

कई लोग बुरी तरह झुलस गए और तीन महिलाएं अब भी लापता बताई जा रही हैं। फैक्ट्री में करीब 200 से अधिक महिलाएं काम करती थीं। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर X के जरिए दुख जताया।

उन्होंने लिखा कि जिले के प्रभारी एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घटना की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और घायलों का निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए हैं।

दो केमिकल मिलाकर बनाया जा रहा था बारूद
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों के अनुसार, दो रसायनों को मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान रसायन की मात्रा सही न मिलने से विस्फोट हो गया। जहां धमाका हुआ, वहां उस समय 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। हादसा लंच से महज 15 से 20 मिनट पहले हुआ। कर्मचारियों का खाना आ चुका था, लेकिन धमाके के बाद सभी खाना छोड़कर जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए।

आरोप: अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले नहीं हुई कोई कार्रवाई
घटना के बाद ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव कर आरोप लगाया कि इस अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले कोई कदम नहीं उठाया गया। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में 400 से 500 लोग काम करते थे। पुरुष मजदूरों को 400 रुपए और महिला मजदूरों को 250 रुपए प्रतिदिन मजदूरी दी जाती थी, जिसका भुगतान साप्ताहिक आधार पर होता था।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!