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वीडियो देखिये, इकोनॉमिक कॉरिडोर भूमिपूजन में मुख्यमंत्री ने क्या कहा: किसानों को विकास में बना रहे भागीदार; उद्योगों को नई गति मिलेगी, रोजगार के बड़े अवसर भी सृजित होंगे।

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 मई 2026, 2:48 pm
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रविवार को इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) परियोजना के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया। ग्राम नैनोद में आयोजित इस कार्यक्रम के साथ ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम औपचारिक रूप से शुरू हो गया है।

विकसित भूखंडों के अलॉटमेंट लेटर भी सौंपे
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और भूस्वामियों को विकसित भूखंडों के अलॉटमेंट लेटर भी सौंपे, जिससे उन्हें सीधे विकास प्रक्रिया से जोड़ने का संदेश दिया गया। इस मौके पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और विधायक मधु वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

2360 करोड़ की परियोजना, रोजगार के नए अवसर
करीब ₹2360 करोड़ की लागत से बनने वाला यह इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे औद्योगिक परिवहन सुगम होगा और इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र में उद्योगों को नई गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के बड़े अवसर भी सृजित होंगे।

सरकार किसानों को विकास में भागीदार बना रही
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, हमारी सरकार किसानों को विकास में भागीदार बना रही है। सभी वर्गों का समान विकास ही हमारा संकल्प है।

मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में होगा विकास
सरकार इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इस कॉरिडोर से एग्री प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।

शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस, ब्रिक्स बैठक पर चर्चा
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रैंड शेरेटन होटल में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान इंदौर में होने वाली ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे।

विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को प्रदेश के औद्योगिक विकास की रीढ़ माना जा रहा है। इसके निर्माण से न केवल परिवहन बेहतर होगा, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी तेजी आने की उम्मीद है।

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